जालना में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दो नाबालिगों के कब्जे से चार धारदार तलवारें बरामद, हत्या के मामले में भी दर्ज हो चुका है अपराध

जालना/कादरी हुसैन
शहर में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चंदनझिरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नाबालिगों के कब्जे से चार धारदार तलवारें बरामद की हैं। जब्त हथियारों की कुल अनुमानित कीमत 10 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने दोनों विधि संघर्षग्रस्त बालकों के खिलाफ भारतीय हथियार अधिनियम की धारा 4/25 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों के खिलाफ इससे पहले हत्या के एक मामले में भी कार्रवाई हो चुकी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को चंदनझिरा पुलिस को गोपनीय सूचना मिली कि दो व्यक्ति सफेद रंग की बोरी में धारदार तलवारें लेकर इंद्रायणी चौक से महात्मा फुले चौक की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक किरण बिडवे को इसकी जानकारी दी गई। उनके निर्देश पर पुलिस टीम ने दो पंचों को साथ लेकर महात्मा फुले चौक क्षेत्र में निगरानी और घेराबंदी की।
शाम करीब 6:30 बजे पुलिस को दो संदिग्ध व्यक्ति सफेद बोरी लेकर आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन दोनों ने भागने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को बोरी सहित पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों के नाबालिग होने की पुष्टि हुई।
पंचों की मौजूदगी में बोरी की तलाशी लेने पर उसमें तीन लोहे की धारदार तलवारें और एक स्टील की धारदार तलवार बरामद हुई। इस तरह कुल चार तलवारें जब्त की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत 10 हजार रुपये है। इस मामले में दोनों नाबालिगों के खिलाफ चंदनझिरा पुलिस थाने में भारतीय हथियार अधिनियम की धारा 4/25 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दोनों नाबालिगों के खिलाफ पहले भी हत्या के मामले में दर्ज हो चुका है अपराध
पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़े गए दोनों विधि संघर्षग्रस्त बालकों के खिलाफ इससे पहले भी चंदनझिरा पुलिस थाने में हत्या के एक मामले में प्रकरण दर्ज हो चुका है। नाबालिगों का इस तरह आपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है।
अभिभावक बच्चों की गतिविधियों और संगत पर रखें नजर
पुलिस निरीक्षक किरण बिडवे ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की मित्र मंडली, दैनिक गतिविधियों और व्यवहार में होने वाले बदलावों पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों तक विभिन्न प्रकार की सामग्री आसानी से पहुंच रही है। कई बार फिल्मों, वेब सीरीज, सोशल मीडिया और गलत संगत के प्रभाव में नाबालिग बच्चे धारदार हथियार रखने, उनका प्रदर्शन करने और गैरकानूनी गतिविधियों की ओर आकर्षित हो सकते हैं।
उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे बच्चों के मोबाइल और सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर नजर रखें। यदि उनके पास अचानक कोई धारदार हथियार या संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें और तत्काल पुलिस को सूचित करें।
बिडवे ने कहा कि बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी केवल पुलिस प्रशासन की नहीं, बल्कि अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। बच्चों को अच्छे संस्कार, सही मार्गदर्शन और कानून के प्रति जागरूकता देना बेहद जरूरी है। नाबालिगों को अपराध की राह पर जाने से रोकने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि जालना जिले में अवैध हथियार रखने, उनकी बिक्री करने अथवा ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। नागरिक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें और कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
पुलिस टीम की भूमिका
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक तेघबीरसिंह संधू, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. विक्रम साली तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक किरण बिडवे के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में सहायक फौजदार मनसुब वेताळ, पुलिस हेड कांस्टेबल प्रशांत देशमुख, कृष्णा तंगे, राजेंद्र पवार, अभिजीत वायकोस और शिवाजी जमधडे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
