मंत्री नितेश राणे के कथित विवादित बयान पर पुलिस में शिकायत, FIR दर्ज करने की मांग
औरंगजेब की कब्र हटाने संबंधी बयान को लेकर सामाजिक एवं वक्फ कार्यकर्ता मोहम्मद शहाबुद्दीन सौदागर ने उठाई कानूनी कार्रवाई की मांग; पुलिस आयुक्त से लेकर केंद्र सरकार तक भेजीं शिकायत की प्रतियां

जालना/कादरी हुसैन।
औरंगाबाद के खुलताबाद स्थित मुगल शासक औरंगजेब आलमगीर की कब्र हटाने संबंधी महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के कथित विवादित बयान को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इस मामले में सामाजिक एवं वक्फ कार्यकर्ता मोहम्मद शहाबुद्दीन श. सौदागर ने सातारा पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए मंत्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 2 नवंबर 2026 को पुलिस थाने में शिकायत प्रस्तुत की थी, जबकि पुलिस की प्राप्ति पर 7 नवंबर 2026 की तारीख दर्ज है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 29 अक्टूबर को औरंगाबाद के बीड बायपास स्थित जाबिंदा मैदान में आयोजित एक नाटक के दौरान मंत्री नितेश राणे ने औरंगजेब की कब्र को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं धमकी भरे बयान दिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह के बयान समाज में वैमनस्य और तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं तथा सामाजिक सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं।
मोहम्मद शहाबुद्दीन सौदागर ने अपनी शिकायत में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड की जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया है। उन्होंने ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
इस शिकायत की प्रतियां पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी, विभागीय आयुक्त, महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों को भी भेजी गई हैं। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि यदि पुलिस प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे न्याय पाने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
शिकायत के साथ कथित बयान से संबंधित यूट्यूब वीडियो का लिंक और उर्दू समाचार पत्र की कतरन भी साक्ष्य के रूप में संलग्न किए जाने का उल्लेख किया गया है।
फिलहाल इस मामले में शिकायतकर्ता ने FIR दर्ज कर निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
