मुंबई से लापता बहनों की नेपाल में संदिग्ध मौत: एक ही फंदे से झूलते मिले दोनों शव, परिजनों को साजिश का शक

मुंबई के मीरा भाईंदर इलाके से करीब 15 दिन पहले लापता हुई दो नाबालिग सगी बहनों के शव नेपाल के काठमांडू शहर में एक मकान के अंदर फंदे से लटके हुए पाए गए। इस घटना से दोनों देशों के बीच सनसनी फैल गई है। मृतक बहनों की पहचान 16 वर्षीय मेनुका कंडेल और 13 वर्षीय सृजना कंडेल के रूप में हुई है।
घटना काठमांडू के मध्यपुर ठिमी क्षेत्र की है, जहां गुरुवार सुबह 6:45 बजे स्थानीय निवासी चक्रधर प्रजापति के घर में दोनों बहनों के शव एक ही नायलॉन की रस्सी से लटके हुए मिले। मौके पर पहुंचे डीएसपी ढुंढिराज न्यौपाने ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि दोनों लड़कियां मूल रूप से नेपाल के सुर्खेत जिले की रहने वाली थीं और अपने परिवार के साथ पिछले 30 वर्षों से मुंबई के मीरा भाईंदर इलाके में रह रही थीं।
माता-पिता को सूचना दे दी गई है और उनके मुंबई से दिल्ली होते हुए आज शाम तक काठमांडू पहुंचने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और माता-पिता के बयान के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
लड़कियों की मां उमा कंडेल ने बताया कि दोनों बहनें सिलाई और कंप्यूटर की कोचिंग करती थीं और रोज शाम सात बजे तक घर लौट आती थीं। लेकिन 15 दिन पहले जब वे वापस नहीं आईं, तो मां ने फोन किया, पर कॉल रिसीव नहीं हुआ। कुछ देर बाद बड़ी बेटी मेनुका का एक वॉयस मैसेज आया जिसमें उसने बताया कि वे दोनों पैसा कमाने बैंगलोर जा रही हैं और बहुत पैसा कमाकर वापस आएंगी।
यह संदेश सुनकर माता-पिता घबरा गए और मीरा भाईंदर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि दोनों बहनें अपने साथ कपड़े, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और घर में रखे पैसे लेकर निकली थीं। मुंबई पुलिस ने जब मोबाइल लोकेशन ट्रेस की तो पता चला कि वे गोरखपुर के पास सुनौली बॉर्डर से नेपाल में दाखिल हो चुकी हैं।
डीएसपी न्यौपाने के मुताबिक, ये दोनों लड़कियां काठमांडू आकर किराए का कमरा लेकर रह रही थीं और मकान मालिक को बताया था कि वे कॉलेज में पढ़ाई कर रही हैं।
परिजनों का कहना है कि बड़ी बेटी को हिंदी नहीं आती थी और छोटी को नेपाली नहीं आती थी, ऐसे में उन्हें शक है कि किसी ने दोनों को बहकाकर नेपाल पहुंचाया और उनके साथ कुछ बड़ा धोखा हुआ है।
पुलिस अब तक की जांच में सभी पहलुओं को खंगाल रही है — आत्महत्या, मानव तस्करी
