वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ जंतर मंतर पर बड़ा प्रदर्शन, विपक्षी दलों के कई नेता हुए शामिल

AIMPLB ने किया विरोध प्रदर्शन का ऐलान, देशभर में होगा आंदोलन
नई दिल्ली: वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने आज सोमवार, 17 मार्च 2025 को जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन का आयोजन किया। इस प्रदर्शन में विपक्षी दलों के कई बड़े नेता शामिल हुए, हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस धरने में शामिल नहीं हुए।
AIMPLB के प्रवक्ता डॉ. एस क्यू आर इलियास ने कहा कि यदि यह बिल संसद में पास भी हो जाता है, तब भी इसे वापस कराने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने किसानों के विरोध प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह सरकार को तीन कृषि कानून वापस लेने पड़े, वैसे ही इस बिल को भी वापस करवाया जाएगा।
देशभर में होगा विरोध प्रदर्शन, पटना से होगी शुरुआत
AIMPLB ने यह भी फैसला लिया कि इस बिल के खिलाफ देश के प्रमुख शहरों में प्रदर्शन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन की शुरुआत बिहार की राजधानी पटना से होगी, इसके बाद आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में प्रदर्शन किया जाएगा। AIMPLB ने कहा कि यह आंदोलन पूरे देश में फैलाया जाएगा ताकि सरकार और उसके सहयोगी दलों पर दबाव बनाया जा सके।
धरने में कौन-कौन से नेता हुए शामिल?
AIMPLB ने इस विरोध प्रदर्शन में जेपीसी में शामिल सभी सांसदों को आमंत्रित किया था, जिसमें सरकार की सहयोगी पार्टी टीडीपी के सांसदों को भी न्योता भेजा गया था। प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेताओं की सूची:
लोकसभा और राज्यसभा के सांसद:
- असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM)
- गौरव गोगोई (कांग्रेस)
- जावेद अहमद (कांग्रेस)
- इमरान मसूद (कांग्रेस)
- सलमान खुर्शीद (कांग्रेस)
- नासिर हुसैन (कांग्रेस)
- मोहिबुल्ला खान (बीजेडी)
- पी. हनीफ (लद्दाख)
- अमानतुल्लाह खान (AAP)
- धर्मेंद्र यादव (सपा)
- अक्षय यादव (सपा)
- जिया उर रहमान बर्क (सपा)
- अवधेश प्रसाद (सपा)
- मोहिबुल्ला नदवी (सपा)
- महुआ मोइत्रा (TMC)
- अबू ताहीर खान (TMC)
- ई. टी. बशीर (IUML)
- फौजिया खान (NCP-SP)
- राजा राम सिंह (CPI-M)
विपक्षी दलों ने जताई नाराजगी
प्रदर्शन में मौजूद नेताओं ने बिल को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। AIMPLB ने कहा कि यह बिल मुस्लिम समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाला है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि “सरकार को इस बिल को तुरंत वापस लेना चाहिए, यह मुसलमानों के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है।”
कांग्रेस नेतृत्व की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल
प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल नहीं हुए। हालांकि, कांग्रेस की ओर से डिप्टी विपक्षी नेता गौरव गोगोई समेत कई अन्य नेता प्रदर्शन में मौजूद रहे।
क्या है AIMPLB की आगे की रणनीति?
AIMPLB ने साफ कर दिया है कि वे इस बिल के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। अगले कुछ हफ्तों में पटना और विजयवाड़ा के बाद अन्य प्रमुख शहरों में भी रैलियां और धरने आयोजित किए जाएंगे।
निष्कर्ष:
वक्फ संशोधन बिल को लेकर देशभर में विरोध तेज हो गया है। AIMPLB और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि यह बिल मुस्लिम समुदाय के अधिकारों का हनन करता है और इसे वापस लिया जाना चाहिए। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।
