कैराना की मुस्लिम सांसद इक़रा हसन से ADM का अभद्र व्यवहार, यूपी प्रशासन पर उठा भेदभाव का सवाल

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक शर्मनाक घटना ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और धार्मिक भेदभाव पर गहरी बहस छेड़ दी है। कैराना से मुस्लिम सांसद इक़रा हसन और छुटमलपुर नगर पंचायत अध्यक्ष शमा परवीन के साथ ADM संतोष बहादुर सिंह द्वारा कथित रूप से किए गए अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ विरोध की लहर तेज हो गई है।
घटना उस समय हुई जब सांसद इक़रा हसन और अध्यक्ष शमा परवीन सोमवार को ADM से क्षेत्र में स्वच्छता, जलनिकासी और नागरिक समस्याओं पर चर्चा के लिए कार्यालय पहुंचीं। बैठक के दौरान ADM ने अध्यक्ष शमा परवीन से तीखा व्यवहार किया और उन्हें बोलने से रोका। सांसद इक़रा हसन द्वारा विरोध जताए जाने पर भी अधिकारी का लहजा और रवैया अपमानजनक बना रहा।
इस घटना के बाद सांसद ने प्रमुख सचिव को लिखित शिकायत भेजकर ADM के व्यवहार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया। शिकायत मिलते ही शामली के जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए और ADM को फिलहाल फील्ड ड्यूटी से हटा दिया गया है।
घटना के बाद मुस्लिम जनप्रतिनिधियों के साथ हो रहे भेदभाव पर सवाल उठने लगे हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने योगी सरकार पर आरोप लगाया है कि यह मामला केवल प्रशासनिक उद्दंडता नहीं, बल्कि मुस्लिम विरोधी मानसिकता का परिणाम है।
विपक्ष का आरोप है कि अगर एक सांसद के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम नागरिकों की स्थिति की कल्पना भयावह है। वहीं ADM संतोष बहादुर सिंह ने इसे ‘मिस कम्युनिकेशन’ बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की है। अभी तक कोई सार्वजनिक माफी नहीं दी गई है।
यह मामला केवल एक व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतिनिधित्व करता है जो लोकतांत्रिक ढांचे में चुने हुए प्रतिनिधियों को भी अपमानित करने से नहीं हिचकती।
अब देखना होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
