जालना में पेट्रोल-डीजल पर सख्ती: अफवाहों के बीच प्रशासन का बड़ा एक्शन

जालना/कादरी हुसैन
जालना जिले में पेट्रोल और डीजल को लेकर फैली अफवाहों ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। कई जगह लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाए हैं।
जिला पुरवठा अधिकारी ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए नए प्रतिबंध लागू किए हैं। आदेश के मुताबिक अब ईंधन वितरण पर सीमा तय कर दी गई है—
- दोपहिया वाहनों को अधिकतम ₹200 तक ही पेट्रोल/डीजल मिलेगा
- तीनपहिया और चारपहिया वाहनों को अधिकतम ₹2000 तक ही ईंधन दिया जाएगा
इसके साथ ही किसी भी प्रकार के कैन, बोतल या ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाई जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस और अन्य अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रोजाना अपने पंप पर उपलब्ध स्टॉक, प्राप्त आपूर्ति और मांग की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अफवाहों पर अंकुश लगे।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन भरवाएं। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले निर्देश तक जारी रहेगा।
