संतान न होने पर महिला के साथ तांत्रिक ने खेत में बुलाकर किया दुष्कर्म, अंधविश्वास बना शोषण का माध्यम

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में अंधविश्वास का एक शर्मनाक चेहरा सामने आया है, जहां एक महिला को संतान न होने के कारण झाड़-फूंक के बहाने खेत में ले जाकर प्रताड़ित किया गया। यह मामला न सिर्फ महिला के साथ अमानवीय बर्ताव को उजागर करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास के नाम पर हो रहे शोषण की भयावह तस्वीर भी पेश करता है।
तीन साल से माँ बनने की कोशिश, बना तांत्रिक का शिकार
हाथरस की रहने वाली 22 वर्षीय महिला की शादी मुनियाखेड़ा गांव में हुई थी। वह पिछले तीन वर्षों से संतान प्राप्ति की कोशिश कर रही थी, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। इस दौरान उसकी ननद ने उसे एक स्थानीय तांत्रिक के पास जाने की सलाह दी, जिसे लोग “संतान प्राप्ति के उपायों” में माहिर मानते थे।
खेत में बुलाकर किया दुर्व्यवहार
5 जुलाई को महिला पहली बार तांत्रिक से मिली और फिर 12 जुलाई को दोबारा अपने पति और ननद के साथ वहां पहुंची। तांत्रिक ने महिला को नींबू की क्रिया के बहाने अकेले खेत में बुलाया और वहीं उसके साथ दुर्व्यवहार किया। पीड़िता ने तुरंत रोते हुए अपने पति और ननद को घटना की जानकारी दी।
पुलिस की तत्परता से आरोपी गिरफ्तार
महिला की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस की सक्रियता से गांव में थोड़ी राहत महसूस की गई है।
सामाजिक चेतना का संदेश
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि किस तरह अंधविश्वास का सहारा लेकर मासूम और असहाय लोगों का शोषण किया जा रहा है। यह मामला ग्रामीण समाज को जागरूक करने और धार्मिक अंधविश्वास के खिलाफ शिक्षा और चेतना फैलाने का एक गंभीर संदेश देता है।
समाज को अब यह समझने की ज़रूरत है कि संतान, स्वास्थ्य या कोई भी जीवन संकट किसी तांत्रिक या झाड़-फूंक से नहीं, बल्कि विज्ञान, चिकित्सा और सहानुभूति से हल किए जाने चाहिए।
