आरएसएस-बीजेपी द्वारा सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और पलायन की झूठी अफवाहों का प्रचार

दिल्ली के सीलमपुर में हालिया हत्या के बाद सामाजिक संगठन जन हस्तक्षेप की फैक्ट फाइंडिंग टीम ने अपनी रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि यह एक आपराधिक घटना थी, जिसे आरएसएस और बीजेपी द्वारा सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई है। टीम ने मृतक कुणाल के परिवार, मोहल्ले के लोगों और क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों से मुलाकात के बाद यह निष्कर्ष निकाला।
टीम का कहना है कि गुजरात के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और कैराना में भी इसी तरह सांप्रदायिक तनाव फैलाया गया था, और अब वही प्रयोग दिल्ली में दोहराया जा रहा है। टीम ने सामाजिक संगठनों और विपक्षी पार्टियों को सचेत रहने की सलाह दी है।
फैक्ट फाइंडिंग टीम में वरिष्ठ पत्रकार अनिल दुबे, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एसएस नेहरा और एडवोकेट एम जेड अली हैदर शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया कि कुणाल का परिवार अत्यंत गरीब है और आर्थिक सहायता की मांग कर रहा है। भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने उनके घर के बाहर एक टेंट लगाया है जिसमें ‘कुणाल हिंदू सनातनी’ लिखकर प्रचार किया जा रहा है।
टीम ने बताया कि इलाके में हिन्दुओं के पलायन की झूठी अफवाह फैलाई जा रही है, जबकि क्षेत्र में दलितों और मुस्लिमों की मिली-जुली गरीब आबादी रहती है, जो मेहनत-मजदूरी से जीवनयापन करती है।
टीम ने उस लड़की के बारे में भी जानकारी जुटाई जिसे ‘लेडी डॉन’ कहा जा रहा है। पाया गया कि उसके खिलाफ केवल पिस्तौल लहराते हुए वीडियो बनाने का एक मामला है, अन्य कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
टीम की मांगें:
- कुणाल के परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी दी जाए।
- हत्यारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
- अल्पसंख्यक समुदाय को आतंकित करने की कोशिश न हो।
- इलाके में फैले नशे और ड्रग्स के कारोबार को तत्काल रोका जाए।
