विश्व प्रसिद्ध लोणार सरोवर के पास मिला दुर्लभ ‘दोमुंहा’ सांप, सर्पमित्रों ने बचाई जान

लोणार/फिरदोस खान पठान
लोणार: विश्व प्रसिद्ध लोणार सरोवर के समीप एक दुर्लभ ‘दोमुंहा’ सांप (मांडूळ/रेड सैंड बोआ) मिलने से क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल है। सुबह करीब 10 बजे वन्यजीव कर्मचारी मंठा रोड के पास कार्य कर रहे थे, तभी उन्हें यह सांप दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत “मी लोणारकर” टीम के सर्पमित्र सचिन कापुरे को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलते ही सचिन कापुरे मौके पर पहुंचे और सांप को सुरक्षित पकड़कर उसकी जान बचाई। सर्पमित्र विनय कुलकर्णी के लोणार आने के बाद से क्षेत्र में सापों को मारने की घटनाओं में कमी आई है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार इस सांप को वैज्ञानिक समुदाय में “डबल इंजन सांप” भी कहा जाता है। रेड सैंड बोआ (मांडूळ) की मांग काफी अधिक है। अंधविश्वास के चलते लोग मानते हैं कि इससे अलौकिक शक्तियां प्राप्त होती हैं, जिसके कारण इसकी कीमत 2 से 25 करोड़ रुपये तक लगाई जाती है।
यह सांप वन्यजीव अन्न श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है और शेड्यूल-1 के अंतर्गत संरक्षित प्रजाति है। दोमुंहा सांप, जिसे सामान्यतः मांडूळ (Red Sand Boa) कहा जाता है, एक बिनविषैला और शांत स्वभाव का जीव है। इसकी पूंछ मोटी और गोल होती है, जो मुंह जैसी दिखती है, इसलिए इसे ‘दोमुंहा’ कहा जाता है।
इस सांप को लेकर फैली अंधश्रद्धाओं के कारण इसकी बड़े पैमाने पर तस्करी की जाती है, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत एक गंभीर अपराध है।
