समृद्धि महामार्ग हादसा प्रकरण: सांसद डॉ. कल्याण काळे की सख्त भूमिका – दोषियों पर केस दर्ज करने और पीड़ितों को बड़ी आर्थिक सहायता की मांग

जालना/कादरी हुसैन
हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग पर मौजे कडवंची (ता. जालना) में दिनांक 01 अप्रैल 2026 को हुए भीषण सड़क हादसे में 8 निर्दोष महिला मजदूरों की मृत्यु हो गई, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल होकर उपचाराधीन हैं। इस हृदयविदारक घटना से पूरे जिले में शोक की लहर फैल गई है और नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
इस घटना का तुरंत संज्ञान लेते हुए सांसद डॉ. कल्याण काळे ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से पीड़ित परिवारों को बड़ी आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने मृत मजदूरों के परिवारों को कम से कम ₹20 लाख तथा घायल मजदूरों को इलाज के लिए कम से कम ₹10 लाख की आर्थिक सहायता तत्काल देने की मांग की है।
इसके अलावा, सांसद डॉ. काळे ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल के मुख्य अभियंता को अलग-अलग पत्र भेजकर इस मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
अपने पत्रों में उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। इसलिए इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत गैर-इरादतन हत्या (कुल्पेबल होमिसाइड) का मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
साथ ही, महामार्ग पर मजदूरों की सुरक्षा में गंभीर खामियां, आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की कमी तथा “छोटा हाथी” वाहन के अवैध प्रवेश की भी जांच करने की मांग की गई है। संबंधित ठेकेदारों ने मजदूरों को पीएफ, ईएसआईसी या बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई थी या नहीं, इसकी भी जांच कर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है।
सांसद डॉ. काळे ने मृत मजदूरों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी तथा घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन करने की भी मांग की है।
“निर्दोष और मेहनतकश मजदूरों की मौत के जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है,” ऐसा स्पष्ट मत सांसद डॉ. कल्याण काळे ने व्यक्त किया है।
यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और प्रशासन को तुरंत व प्रभावी कार्रवाई कर दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए, अन्यथा जनता में आक्रोश और बढ़ सकता है, ऐसा भी उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है।
