भारत को माता रमाई के परिवर्तनवादी विचारों की आवश्यकता – नागवंशी संघपाल पनाड

लोणार/फिरदोस खान पठाण
सुलतानपुर (ता. लोणार) में भारतीय संविधान के शिल्पकार भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों का दृढ़ता से समर्थन करने वाली त्यागमूर्ति माता रमाई आंबेडकर की जयंती के अवसर पर प्रबोधनात्मक गीतों का भव्य कार्यक्रम एवं नारीशक्ति सम्मान समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम दिनांक 06 फरवरी 2026 को श्री शिवाजी हाईस्कूल, सुलतानपुर में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बुद्ध, शिव, महात्मा फुले, राजर्षि शाहू महाराज तथा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन और कार्यों पर आधारित प्रबोधनात्मक गीतों की प्रस्तुति दी गई। टीवी फेम गायिका सपना ताई खरात के गीतों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को ‘नारीशक्ति सम्मान’ देकर गौरवित किया गया। सम्मानित महिलाओं को सम्मान-पत्र के साथ भारतीय संविधान की प्रति भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नव-निर्वाचित उपसरपंच नागवंशी संघपाल पनाड ने की। आयोजनकर्ताओं में अनित्य घेवंडे, अख्तर भाई, अतिश पनाड, प्रदीप मोरे, शुद्धोदन सरदार और राजू भाऊ भानापुरे शामिल थे। कार्यक्रम को नागवंशी सामाजिक संगठन, भीम योद्धा ग्रुप, स्टार ग्रुप, माता रमाई महिला मंडल तथा सुरसंगम डेकोरेशन, सुलतानपुर का सहयोग प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर प्रा. के. बी. इंगळे, किरणताई लाहोटी, अमोल अवसरमोल (सरपंच, अंजनी खुर्द), गौतम अवसरमोल, उषाताई नरवाडे (संबोधी ग्रुप, लोणार), आमिर भाई, जमीर साहेब, पत्रकार सागर पनाड, उद्धव फंगाळ, सद्दाम भाई, असिम भाई, राजीक शेख, गणेश भानापुरे, प्रेम झोरे, रवी झोरे, पत्रकार चांद भाई, सुरेश मोरे, वसीम भाई, मोईन खान, मुकद्दर भाई, दादाराव पनाड, बिंबीसार पनाड, सागर आत्माराम पनाड, ब्रह्मा सरदार, सुधाकर पनाड, संजय शेजूळ, प्रसंजित पनाड, जीवन सभादिंडे, मंगेश पनाड सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सम्मानित महिलाओं के नाम इस प्रकार हैं—
समाजसेवा: विदर्भ कन्या शाहीन पटेल
शिक्षा क्षेत्र: ममता प्रेमकुमार झोरे, कल्पना अण्णा बांगरे
गटप्रवर्तक: गंगा अंभोरे
स्वास्थ्य सेविका: वैशाली सरदार
आशा सेविका: आशालता पनाड, शारदा मुळे, मीना मोरे, भारती भराड, राधा रिंढे, शीला रिंढे, आशा पनाड, मालता हिवाळे
आंगनवाड़ी सेविका: वैशाली पनाड, पुष्पा मोरे, रुखमीना पनाड, सत्यशीला टकले, रेणुका दळवी, सुरेखा अंभोरे, अंजली परिहार, रेखा जाधव, दुर्गा भानापुरे, अनिता जावळे, सविता पनाड
आंगनवाड़ी सहायिका: उषा आवारे, निर्मला अवचार, सरिता पनाड, मनीषा नारिंगे, पूजा रिंढे, हिना परवीन अयाज पठाण, अफिफा बी शेख मजीद, कोकिळा सुरसे, प्रमिता जावळे, हलीमा शेख खलील, तबस्सुम शेख रफीक।
इस कार्यक्रम के माध्यम से महामानवों के विचारों का प्रसार किया गया तथा महिलाओं के कार्यों का सम्मान कर समाज में समानता, स्वाभिमान और संविधान के मूल्यों का संदेश दिया गया। उपस्थित नागरिकों ने कार्यक्रम की सराहना की।
