जालना में अवैध गुंठेवारी रजिस्ट्री का बड़ा खुलासा, जिला प्रशासन ने व्यापक जांच के आदेश दिए

जालना/कादरी हुसैन
जालना जिले में गुंठेवारी रजिस्ट्री पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से रजिस्ट्रियां किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता साद बीन मुबारक, निवासी दुखी नगर, जालना ने 2 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कर सह दुय्यम निबंधक पर भ्रष्टाचार कर अवैध गुंठेवारी रजिस्ट्री करने के आरोप लगाए हैं।
शिकायत में बताया गया है कि सह दुय्यम निबंधक कार्यालय, जालना में लंबे समय से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार चल रहा है। आरोप है कि संबंधित अधिकारी शासन के स्पष्ट नियमों की अनदेखी करते हुए खुलेआम पैसों की मांग कर गुंठेवारी जमीन की रजिस्ट्रियां कर रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब गुंठेवारी रजिस्ट्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है, तब भी 21 नवंबर 2025 को रजिस्ट्री क्रमांक 7564/2025 अवैध रूप से दर्ज की गई। इस रजिस्ट्री में सरकारी चालान मात्र ₹9,670/- भरा गया, जबकि लगभग ₹40,000/- की अवैध राशि लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि इस प्रकरण से जुड़े एक एजेंट के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। ऑडियो में एजेंट द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि संबंधित रजिस्ट्री “साहब ने ही की है” और “पैसे देने पर गुंठेवारी रजिस्ट्री हो जाती है।” इससे प्रतिबंध के बावजूद अवैध रजिस्ट्रियों के संगठित नेटवर्क की ओर इशारा होता है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारी लंबे समय से जालना शहर में ही पदस्थ हैं और स्थानीय प्रभाव व राजनीतिक संबंधों के चलते बार-बार यहीं तबादला करवाते रहे हैं। आरोप है कि पूर्व में भी इस कार्यालय के खिलाफ कई शिकायतें की गईं, लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने 5 दिसंबर 2025 को जिला मुद्रांक अधिकारी, जालना को जांच के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, सह दुय्यम निबंधक गणेश अशोकसिंग राजपूत के कार्यकाल में 31 दिसंबर 2020 के बाद पंजीकृत सभी खरीद-बिक्री दस्तावेजों की विस्तृत दफ्तरी जांच की जाएगी।
जांच के दौरान यह सत्यापित किया जाएगा कि क्या महाराष्ट्र गुंठेवारी विकास (नियमाधीन करना, श्रेणीवाढ व नियंत्रण) (सुधारणा) अधिनियम, 2021 के अंतर्गत नियमितीकरण आदेश प्राप्त किए बिना रजिस्ट्रियां की गई हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवश्यक अभिलेखों सहित अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट 15 दिसंबर 2025 तक जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करें।
निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने एक विशेष जांच समिति का गठन किया है, जिसमें जिला पुनर्वसन अधिकारी, जिला अधीक्षक भूमि अभिलेख तथा सहायक संचालक नगर रचना विभाग, जालना को शामिल किया गया है। समिति को 30 दिनों के भीतर अभिप्राय सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि भ्रष्टाचार, अवैध रजिस्ट्री या बेकायदेशीर संपत्ति अर्जित करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन या बर्खास्तगी सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से जिले में अवैध गुंठेवारी रजिस्ट्री पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
