Breaking NewsCrime NewsJalna

जालना मनपा में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़; दो अतिक्रमण अधिकारी 40 हजार रुपये लेते एसीबी के जाल में फंसे

जालना/कादरी हुसैन

भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (एसीबी) छत्रपति संभाजीनगर की टीम ने जालना महानगरपालिका के दो अतिक्रमण अधिकारियों को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के बाद मनपा प्रशासन में हड़कंप मच गया है और सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने जालना शहर के मामा चौक से कोलू तेली घाना संघ तक नाले पर हुए अतिक्रमण को हटाने तथा नाले की सफाई कराने के संबंध में महानगरपालिका आयुक्त से शिकायत की थी। शिकायत के बाद मनपा उपायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।

आरोप है कि प्रभारी सहायक अतिक्रमण पथक प्रमुख भाऊलाल चापा राठोड और प्रभारी सहायक अतिक्रमण निर्मूलन पथक प्रमुख श्यामसन छबुराव कसबे ने कार्रवाई करने में लगातार टालमटोल शुरू कर दी। शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार संपर्क करने पर दोनों अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने और नाले की सफाई करवाने के बदले 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहते थे। इसके बाद उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक विभाग छत्रपति संभाजीनगर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। एसीबी टीम ने 20 मार्च 2026 को पंचों की मौजूदगी में शिकायत की जांच और सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।

इसके बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से सापळा कार्रवाई करते हुए 28 मई 2026 को जालना के जुना मोंढा स्थित बाबा टी हाउस, दवा मार्केट गेट परिसर में आरोपी श्यामसन कसबे को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के तुरंत बाद दूसरे आरोपी भाऊलाल राठोड को भी हिरासत में लिया गया।

कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से सैमसन और ओप्पो कंपनी के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। एसीबी द्वारा मोबाइल का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। रिश्वत की पूरी रकम भी जब्त कर ली गई है।

यह कार्रवाई एसीबी छत्रपति संभाजीनगर के पुलिस निरीक्षक वाल्मिक कोरे के नेतृत्व में की गई। मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक संतोष तिगोटे कर रहे हैं।

इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक माधुरी केदार कांगणे, अपर पुलिस अधीक्षक शशिकांत सिंगारे तथा उप अधीक्षक राजीव तळेकर का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

एसीबी विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी सरकारी कार्य कराने के नाम पर वैधानिक शुल्क के अतिरिक्त रिश्वत की मांग करता है, तो तत्काल भ्रष्टाचार निरोधक विभाग से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button