जालना एमएमएलपी में पहली ट्रायल कंटेनर रेक का आगमन; मराठवाड़ा में लॉिस्टिक क्रांति की शुरुआत

जालना/कादरी हुसैन
जिले के औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक महत्व रखने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) अर्थात ड्राय पोर्ट परियोजना में 25 मई 2026 को पहली ट्रायल कंटेनर रेक का सफल आगमन हुआ। इस पहली ट्रायल कंटेनर रेक का स्वागत जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने किया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी रमेश मिसाळ, जालना ड्राय पोर्ट के प्रबंधक विकास मलिक सहित अधिकारी एवं उद्यमी उपस्थित थे।
इससे जालना तथा पूरे मराठवाड़ा क्षेत्र में रेलवे से जुड़ी मालवाहतूक सेवाओं की औपचारिक शुरुआत हो गई है।
पहली इनबाउंड कंटेनर रेक ‘पोलाद स्टील’ कंपनी के लिए स्पंज आयरन लेकर एमएमएलपी जालना स्थित रेलवे साइडिंग पर पहुंची। इस सफल ट्रायल से उद्योगों के लिए रेलवे, सड़क और बंदरगाह के समन्वय से संचालित एकीकृत मल्टी मॉडल मालवाहतूक व्यवस्था के नए द्वार खुल गए हैं।
विशेष उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय महामार्ग लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML), जो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, तथा जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (JNPA) के सहयोग से विकसित यह देश का पहला ड्राय पोर्ट/मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क परियोजना है। “महाराष्ट्र एमएमएलपी प्रायव्हेट लिमिटेड” (MMPL) नामक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के अंतर्गत इस परियोजना का विकास किया गया है।
केंद्र सरकार की ‘पीएम गतिशक्ति’ एवं राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के अंतर्गत विकसित इस परियोजना से माल परिवहन की लागत कम होगी, माल ढुलाई की कार्यक्षमता बढ़ेगी, सड़कों पर यातायात का दबाव घटेगा, कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी तथा ईंधन की बचत होगी। पर्यावरण-अनुकूल एवं टिकाऊ माल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दृष्टि से यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस परियोजना का पहला चरण लगभग 64.51 एकड़ क्षेत्र में कार्यान्वित किया गया है। साथ ही आयात-निर्यात (EXIM) कारोबार के लिए आवश्यक सीमा शुल्क विभाग की वैधानिक मंजूरी भी परियोजना को प्राप्त हो चुकी है। इसके चलते अब जालना सहित मराठवाड़ा के उद्योगों को सीधे आयात-निर्यात माल प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध होगी।
एमएमएलपी जालना परियोजना से मराठवाड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आकर्षित होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसके अलावा रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा तथा आंतरिक महाराष्ट्र के निर्यात-आयात व्यापार को नई गति प्राप्त होगी। जालना से जेएनपीए बंदरगाह तथा राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर से सीधी कनेक्टिविटी होने से उद्योग क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।
इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भारतीय रेल, सीमा शुल्क विभाग, महाराष्ट्र शासन की विभिन्न एजेंसियों तथा संबंधित सभी भागीदारों द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों की जालना जिला प्रशासन ने सराहना की है।
पहली ट्रायल कंटेनर रेक के सफल आगमन से जालना जिले सहित पूरे मराठवाड़ा क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स आधारित औद्योगिक विकास के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
