सूरत: सिक्योरिटी एजेंसी मालिक चंद्रभान दुबे की हत्या का खुलासा, दोनों आरोपी गिरफ्तार

सूरत के अलथान क्षेत्र में सिक्योरिटी एजेंसी के मालिक चंद्रभान दुबे की रहस्यमय हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस जघन्य हत्या के दोनों आरोपियों राशिद मंसूरी और उसके मौसेरे दिव्यांग भाई मंसूर अंसारी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्या बेहद शातिराना तरीके से की गई थी, जिसमें आरोपी ने पहले से पूरी तैयारी कर रखी थी।
चार दिन से थे लापता, दो टुकड़ों में मिला शव
चंद्रभान दुबे चार दिन पहले लापता हो गए थे। परिवार को आखिरी बार वह राशिद मंसूरी के ऑटो में जाते हुए दिखे थे। रातभर खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद परिजनों ने अलथान थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पता चला कि चंद्रभान, राशिद के साथ उसके घर गए थे, लेकिन उसके बाद बाहर नहीं निकले। राशिद और मंसूर जरूर घर से दो बड़े बोरे लेकर निकले थे। पुलिस ने जब मीठीखाड़ी में तलाशी अभियान चलाया, तो वहां से दो बोरे बरामद हुए, जिनमें चंद्रभान का शव दो टुकड़ों में मिला।
प्री-प्लान मर्डर, 15 दिन पहले खरीदे थे बॉक्स और बोरे
जांच में सामने आया कि यह हत्या पहले से प्लान की गई थी। आरोपियों ने एक महीना पहले वह रूम किराए पर लिया था, जहां हत्या की गई। शव को ठिकाने लगाने के लिए गत्ते के बॉक्स और बोरे भी पंद्रह दिन पहले खरीद लिए थे। हत्या से पहले राशिद ने बैंक से दो लाख रुपये का लोन लिया और वह पैसे पत्नी के खाते में ट्रांसफर कर दिए, ताकि पकड़े जाने पर वकील की फीस दी जा सके।
हत्या के बाद की फिरौती की मांग
हत्या के बाद आरोपियों ने चंद्रभान के बड़े भाई को मैसेज कर तीन करोड़ रुपये की फिरौती भी मांगी। वह खुद को पीड़ितों के साथ दिखाकर उनकी खोज में मदद का दिखावा भी करता रहा। इस दौरान चंद्रभान के दो मोबाइल फोन, क्रेडिट कार्ड और तीन लाख रुपये लेकर आरोपी बिहार भाग गए थे।
सूरत पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस और आरा पुलिस की मदद से दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी विजय सिंह गुर्जर ने बताया कि पुलिस ने हत्या, अपहरण और फिरौती की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। हत्या की असली वजह अभी भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
