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औरंगाबाद में अवैध रेत ठेलों पर फूटा भाजपा पार्षदों का गुस्सा, कार्रवाई नहीं हुई तो आमरण अनशन की चेतावनी

औरंगाबाद | प्रतिनिधि 

शहर के आज़ाद चौक से सिडको एन-8 स्थित साखरे मंगल कार्यालय तक सड़क के दोनों किनारों पर अवैध रूप से लगाए गए रेत के ठेलों को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद अतिक्रमण हटाओ विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने पर सत्तारूढ़ भाजपा की पार्षद अधिवक्ता माधुरी अदवंत ने नगर निगम मुख्यालय के सामने अनशन करने की चेतावनी दी है।

सोमवार (6 जुलाई) को नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में अतिक्रमण का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस दौरान भाजपा के सदस्यों ने ही प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया। सदस्यों ने कहा कि शहर के लगभग हर प्रमुख मार्ग, बाजार और चौराहे पर फुटपाथ विक्रेताओं, हाथगाड़ियों, टपरी संचालकों तथा अवैध ठेलों का कब्जा बढ़ता जा रहा है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई तो होती है, लेकिन कुछ ही समय बाद वही अतिक्रमण फिर से खड़ा हो जाता है।

पार्षद माधुरी अदवंत ने बताया कि आज़ाद चौक से सिडको एन-8 के साखरे मंगल कार्यालय तक प्रतिदिन बड़ी संख्या में अवैध रेत के ठेले लगाए जाते हैं। नगर निगम की टीम कार्रवाई करती है, लेकिन अगले ही दिन या टीम के लौटते ही दोबारा वही ठेले लगा दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन ठेलों पर मौजूद कुछ लोग महिलाओं और युवतियों के साथ अभद्र व्यवहार एवं छेड़छाड़ भी करते हैं, जिससे इस मार्ग से गुजरना उनके लिए मुश्किल हो गया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अवैध रेत ठेलों के खिलाफ स्थायी और कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो नगर निगम मुख्यालय के सामने अनशन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इस पर स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये ने अधिकारियों को तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई में लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक होने पर उनका प्रभार अन्य अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।

12 प्रमुख सड़कों पर गश्ती दल तैनात होगा

अतिक्रमण विभाग के प्रमुख एवं मुख्य लेखाधिकारी संतोष वाहुळे ने बताया कि शहर की विभिन्न सड़कों पर बार-बार हो रहे अतिक्रमण को रोकने के लिए 12 प्रमुख मार्गों पर सुबह से रात तक गश्त करने हेतु विशेष चलित दल (मोबाइल स्क्वॉड) तैनात करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता बताई गई, जिसे सभापति अनिल मकरिये ने मंजूरी दे दी।

बार-बार अतिक्रमण करने वालों पर दर्ज हों मामले

बैठक में सदस्य राजगौरव वानखेडे ने कहा कि शहर की लगभग हर सड़क अतिक्रमण की चपेट में है। हरसूल कारागृह से एकतानगर तथा शाहानूरवाड़ी चौक से सूतगिरणी मार्ग सहित कई स्थानों पर कार्रवाई के बाद भी दोबारा अतिक्रमण हो जाता है। उन्होंने मांग की कि जो लोग बार-बार अतिक्रमण करते हैं, उनके खिलाफ सीधे आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं ताकि इस समस्या पर स्थायी रूप से रोक लगाई जा सके।

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