नासिक में रिश्वत लेते दो पुलिसकर्मी रंगे हाथ गिरफ्तार, आत्महत्या के मामले में कार्रवाई की धमकी देकर मांगे थे 30 हजार रुपये

नासिक | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
महाराष्ट्र के नासिक शहर में पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। उपनगर पुलिस थाने में तैनात एक सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (एएसआई) और एक पुलिसकर्मी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने की धमकी देकर 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सहायक पुलिस उपनिरीक्षक मिलिंद हिरामण शेजवल (55) और पुलिसकर्मी गणेश मुकुंद कुमावत (38) के रूप में हुई है। दोनों नासिक शहर के उपनगर पुलिस थाने में कार्यरत हैं।
जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को शिकायतकर्ता के बहनोई ने घर के पास जंगल में एक पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में उपनगर पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों ने शिकायतकर्ता को बिटको चौकी बुलाकर कथित रूप से कहा कि उसके बहनोई ने उसके उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या की है और यदि 30 हजार रुपये नहीं दिए गए तो उसके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर दिया जाएगा।
पुलिसकर्मियों की इस मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से शिकायत की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की रिश्वत के पहले चरण के रूप में 10 हजार रुपये स्वीकार करते समय दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
एसीबी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उपनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
इस बीच, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में किसी भी काम के लिए रिश्वत मांगी जाती है या भ्रष्टाचार से संबंधित कोई जानकारी हो, तो उसकी शिकायत तुरंत एसीबी से करें।