औरंगाबाद जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक: विलास भुमरे निर्विरोध अध्यक्ष, रामूकाका शेळके बने उपाध्यक्ष

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
औरंगाबाद जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद को लेकर सांसद संदीपान भुमरे और विधायक अब्दुल सत्तार के बीच लंबे समय से राजनीतिक खींचतान चल रही थी। हालांकि देर रात तक चली बैठकों के बाद अध्यक्ष पद के लिए विधायक विलास भुमरे और उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा के रामूकाका शेळके के नाम पर सहमति बन गई।
सोमवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए आयोजित बैठक में अध्यक्ष पद के लिए केवल विलास भुमरे तथा उपाध्यक्ष पद के लिए केवल रामूकाका शेळके का ही नामांकन पत्र दाखिल हुआ। निर्वाचन निर्णय अधिकारी समृद्ध जाधव ने दोनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया।
हाल ही में हुए जिला बैंक चुनाव में महायुति ने 20 में से 19 सीटें जीतकर बैंक पर एकतरफा कब्जा जमाया था। नौ सीटें जीतने के साथ शिवसेना सबसे बड़ा दल बनकर उभरी थी, इसलिए अध्यक्ष पद पर उसका दावा सबसे मजबूत माना जा रहा था। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जिला बैंक चुनाव की पूरी जिम्मेदारी सांसद संदीपान भुमरे को सौंपी थी। उनके नेतृत्व में शिवसेना के नौ निदेशक निर्वाचित हुए, जिनमें पांच सदस्य निर्विरोध चुने गए थे। इनमें मंत्री संजय शिरसाट, विधायक विलास भुमरे, रमेश बोरणारे और समीर सत्तार शामिल थे।
शेष 12 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस सांसद कल्याण काले की एकमात्र सीट को छोड़कर बाकी 11 सीटें महायुति ने जीत ली थीं। पिछले दो सप्ताह से जिला बैंक के अध्यक्ष पद को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। मंत्री अतुल सावे का नाम भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल था।
इस बीच औरंगाबाद-जालना स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनाव के दौरान शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार के पुत्र एवं नगराध्यक्ष समीर सत्तार ने बगावत करते हुए नामांकन दाखिल किया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। बताया जाता है कि इस नाम वापसी के बदले शिवसेना को जिला बैंक का अध्यक्ष पद देने का आश्वासन दिया गया था। भाजपा ने यह वादा निभाया, लेकिन अब्दुल सत्तार अपने पुत्र को अध्यक्ष बनाने की इच्छा पूरी नहीं कर सके।
शिवसेना के भीतर अध्यक्ष पद को लेकर भुमरे और सत्तार गुटों के बीच मतभेद की स्थिति बन रही थी। पिछले राजनीतिक अनुभवों को देखते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस बार किसी भी प्रकार का विवाद टालने का निर्णय लिया और स्थानीय नेताओं को सर्वसम्मति से नाम तय करने के निर्देश दिए।
इसी के तहत रविवार देर रात मंत्री अतुल सावे के निवास पर पालकमंत्री संजय शिरसाट, सांसद संदीपान भुमरे और अन्य वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। बैठक में अध्यक्ष पद के लिए विधायक विलास भुमरे तथा उपाध्यक्ष पद के लिए रामूकाका शेळके के नाम पर अंतिम सहमति बनी। इसके बाद सोमवार को आयोजित चुनाव में दोनों उम्मीदवारों के खिलाफ कोई अन्य नामांकन नहीं आने से उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।