पुणे में बिहार के युवक की निर्मम हत्या का खुलासा, 72 घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार

पुणे | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
महाराष्ट्र के पुणे जिले के शिरूर तालुका स्थित पिंपळे जगताप गांव के पाझर तालाब में मिले एक अज्ञात युवक के सड़े-गले शव की गुत्थी पुलिस ने महज 72 घंटे में सुलझा ली है। जांच में सामने आया कि बिहार के 22 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या कर उसका शव सबूत मिटाने के उद्देश्य से तालाब में फेंक दिया गया था। शिक्रापुर पुलिस और पुणे ग्रामीण स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई को पिंपळे जगताप के पाझर तालाब में एक अज्ञात युवक का शव तैरता हुआ मिला था। युवक की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई थी। शव काफी हद तक सड़ चुका था, जिससे उसकी पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के कपड़ों की तस्वीरें और अन्य जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। तकनीकी विश्लेषण और गुमशुदा लोगों के रिकॉर्ड की जांच के बाद मृतक की पहचान बिहार के जहानाबाद निवासी 22 वर्षीय टुटू कुमार अजीत यादव के रूप में हुई।
पहचान होने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुष्कर कुमार अरुण यादव, आयुष्मान सुशील पांडे और सचिन मारुति हिंगेवार को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस जांच में हत्या के पीछे कई चौंकाने वाले कारण सामने आए हैं। आरोपियों को खेत से बिजली पंप चोरी होने का संदेह मृतक पर था। इसके अलावा मुख्य आरोपी की बहन के प्रेम संबंधों में मृतक के सहयोग करने का शक भी हत्या का कारण बना। जांच में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया पर फोटो और इंस्टाग्राम स्टोरी को लेकर आरोपियों के मन में मृतक के प्रति गहरी नाराजगी और ईर्ष्या पैदा हो गई थी।
इसी रंजिश में तीनों आरोपियों ने मिलकर टुटू कुमार का गला रेतकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को पाझर तालाब में फेंक दिया।
पुलिस ने बिना किसी ठोस प्रत्यक्ष साक्ष्य के केवल तकनीकी जांच और मृतक के कपड़ों के आधार पर तीन दिनों के भीतर इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया। शिक्रापुर पुलिस और पुणे ग्रामीण अपराध शाखा की इस कार्रवाई की व्यापक सराहना हो रही है। मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक शिवाजी भोसले कर रहे हैं।