किसानों को बड़ी राहत! अंबड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पानी के 6 मोटर पंपों सहित 2 चोर गिरफ्तार, ₹1,00,000 का माल बरामद

अंबड | जावेद डावरगावकर
अंबड पुलिस थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से किसानों द्वारा सिंचाई के लिए उपयोग किए जाने वाले पानी के मोटर पंपों की चोरी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस निरीक्षक संतोष घोडके ने अपराध शाखा (डीबी स्क्वॉड) को विशेष निर्देश देते हुए मोटर पंप चोरी के मामलों का खुलासा करने के आदेश दिए थे।
इसी क्रम में अपराध शाखा की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपनी पहचान रमेश त्र्यंबक वाघ (निवासी वाघलखेडा, तहसील अंबड, जिला जालना) और विठ्ठल सर्जेराव मिसाळ (निवासी दुधना कालेगांव, जिला जालना) के रूप में बताई।
गहन पूछताछ में दोनों आरोपियों ने किसानों के खेतों से पानी के मोटर पंप चोरी करने की बात कबूल कर ली। उन्होंने यह भी बताया कि चोरी की वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और चोरी किए गए छह मोटर पंपों को पानेगांव रोड स्थित एक खेत में छिपाकर रखा गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी छह चोरी के मोटर पंप और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली।
इस तरह अंबड पुलिस थाना की अपराध शाखा के उपनिरीक्षक भगवान नरोडे और उनकी टीम ने उत्कृष्ट जांच करते हुए मोटर पंप चोरी के मामले का पर्दाफाश किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर किसानों को बड़ी राहत दिलाई। अंबड पुलिस की इस सराहनीय कार्रवाई की नागरिकों और किसान समुदाय ने प्रशंसा की है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने 6 पानी के मोटर पंप और एक मोटरसाइकिल, कुल ₹1,00,000 मूल्य का माल बरामद किया है। साथ ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मोटर पंप चोरी के एक मामले का खुलासा किया गया है। मामले की आगे की जांच पुलिस हवलदार राधाकृष्ण जायभाये कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ में और भी चोरी की वारदातों का खुलासा हो सकता है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक तेघबीर सिंह संधू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम साळी तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी डॉ. सिद्धेश्वर धुमाळ के मार्गदर्शन में अंबड पुलिस थाना के पुलिस निरीक्षक संतोष घोडके के नेतृत्व में अपराध शाखा की टीम—उपनिरीक्षक भगवान नरोडे, पुलिस हवलदार यशवंत मुंडे, दीपक पाटील, राधाकृष्ण जायभाये, पुलिस सिपाही अरुण मुंडे, तुकाराम मदन और सुनील वैद्य—ने संयुक्त रूप से अंजाम दी।