श्मशान भूमि के रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर 7 अगस्त से आमरण अनशन शुरू

कन्नड़ | अशरफ़ अली
कन्नड़ तहसील अंतर्गत माटेगांव के बौद्ध समाज के प्रतिनिधियों ने सार्वजनिक श्मशान भूमि तक जाने वाले मार्ग से अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता है तो 7 अगस्त 2026 से जिला परिषद कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन के अनुसार, माटेगांव स्थित बौद्ध समाज की सार्वजनिक श्मशान भूमि तक आने-जाने वाले रास्ते पर लंबे समय से अवैध अतिक्रमण किया गया है। इस संबंध में संबंधित विभागों को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि 10 मार्च 2023 को ग्राम पंचायत माटेगांव ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक उन आदेशों का पालन नहीं कराया गया। आरोप है कि संबंधित अधिकारी लगातार टालमटोल कर रहे हैं, जिससे यह मामला लगभग चार वर्षों से लंबित है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि 10 फरवरी 2026 को भूमि अभिलेख कार्यालय और तहसील कार्यालय परिसर में भी आमरण अनशन किया गया था। उस समय प्रशासन ने लिखित और मौखिक रूप से अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद अनशन वापस ले लिया गया। इसके बावजूद दो महीने बीत जाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद 24 अप्रैल 2026 को पंचायत समिति, कन्नड़ कार्यालय के सामने पुनः आमरण अनशन किया गया। उस समय भी प्रशासन ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद न्याय नहीं मिलने से मजबूर होकर 7 अगस्त 2026 से जिला परिषद कार्यालय के सामने लोकतांत्रिक तरीके से आमरण अनशन शुरू किया जा रहा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अनशन के दौरान यदि किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
यह ज्ञापन पंडित लक्ष्मण निकाले, सुभाष दादा निकाले और लक्ष्मण धोंडीराम निकाले सहित अन्य प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर के साथ जिला परिषद प्रशासन को सौंपा गया।
