7 गोवंशीय पशु कत्तल के लिए बांधकर रखने का आरोप, कदीम जालना पुलिस की छापेमारी में कराया गया मुक्त

जालना/कादरी हुसैन
जालना शहर के पुराने जालना क्षेत्र में कत्तल के उद्देश्य से गोवंशीय पशुओं को कथित तौर पर बांधकर रखे जाने की सूचना पर कदीम जालना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 गोवंशीय पशुओं को मुक्त कराया। पुलिस के अनुसार, सभी पशुओं को एक पत्रे के शेड में रस्सियों से बांधकर रखा गया था और उनके लिए चारे तथा पानी की उचित व्यवस्था नहीं की गई थी।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 सितंबर 2026 की रात करीब 8:30 बजे कदीम जालना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अक्सा फंक्शन हॉल के सामने स्थित युसुफ कॉलोनी, पुराना जालना परिसर में गोवंशीय पशुओं को अवैध रूप से रखा गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस को शकील अब्दुल बासेद कुरैशी (56) के स्वामित्व वाले पत्रे के शेड में कुल 7 गोवंशीय पशु मिले। पुलिस के मुताबिक, पशुओं को रस्सियों से बांधकर रखा गया था तथा उनके लिए चारा-पानी की समुचित व्यवस्था नहीं थी। पुलिस ने प्रथम दृष्टया पशुओं को कत्तल के उद्देश्य से अवैध रूप से रखे जाने का संदेह जताया है।
पुलिस ने सभी 7 गोवंशीय पशुओं को अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार मुक्त कराया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, बरामद पशुओं की कुल अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये है।
मामले में शकील अब्दुल बासेद कुरैशी के खिलाफ कदीम जालना पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 521/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के साथ ही पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(d) और 11(1)(f) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान बरामद किए गए पशुओं को सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी की गई है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक तेघबीर सिंह संधु, अपर पुलिस अधीक्षक साळी, जालना के उपविभागीय पुलिस अधिकारी कुलकर्णी तथा पुलिस निरीक्षक जे.वी. शेवाळे के मार्गदर्शन में की गई।
कार्रवाई में पुलिस उपनिरीक्षक वाघ, पुलिस उपनिरीक्षक चाटे, पुलिस हेड कांस्टेबल सदा राठोड़, पुलिस हेड कांस्टेबल सचिन चौधरी, पुलिस कांस्टेबल जारवाल, पुलिस कांस्टेबल अंसारी और पुलिस कांस्टेबल झेंडे ने भाग लिया।
