चांदगुडे परिवार की मौत के बाद औरंगाबाद का खवड्या डोंगर फिर चर्चा में, ‘सुसाइड पॉइंट’ बनने से बढ़ी चिंता

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
के चांदगुडे परिवार की दर्दनाक मौत के बाद तिसगांव क्षेत्र में धुले-सोलापुर महामार्ग के किनारे स्थित खवड्या डोंगर एक बार फिर चर्चा में आ गया है। बेटे को बचाने के प्रयास में पिता के खाई में गिरने से मौत हो गई। इसके बाद मां ने भी खाई में छलांग लगा दी, जिससे उनकी भी मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से हंसता-खेलता परिवार पलभर में उजड़ गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, खवड्या डोंगर से छलांग लगाकर अब तक 13 लोगों ने आत्महत्या की है। इतना ही नहीं, इस स्थान पर हत्या की एक घटना भी सामने आ चुकी है। पिछले वर्ष एक व्यक्ति द्वारा अपनी ही बहन को इस पहाड़ी की चट्टान से नीचे धकेलने की घटना हुई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण आसपास के रहवासियों में भय का माहौल है।
सबसे गंभीर बात यह है कि इतना खतरनाक क्षेत्र होने के बावजूद यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोगों को खाई के किनारे जाने से रोकने के लिए न तो कोई मजबूत सुरक्षा दीवार है और न ही सुरक्षात्मक जाली लगाई गई है। इस क्षेत्र को खतरनाक बताते हुए या प्रवेश पर रोक संबंधी कोई चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाने की जानकारी नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में कोई भी नागरिक आसानी से इस खतरनाक चट्टान तक पहुंच सकता है।
सुरक्षात्मक जाली और सुरक्षा व्यवस्था की मांग
इस पहाड़ी पर तेज हवाएं चलती हैं और चट्टान की ऊंचाई भी काफी अधिक है। ऐसे में नीचे देखने मात्र से भी संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है। चांदगुडे परिवार की दुर्घटना के बाद अब प्रशासन इस मामले में तत्काल ध्यान दे, ऐसी मांग जोर पकड़ रही है।
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि इस क्षेत्र में तत्काल प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए और खाई के आसपास मजबूत सुरक्षात्मक जाली लगाई जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं।