उद्यमियों के सपनों को उड़ान देने के लिए शासन देगा पूरा सहयोग, औरंगाबाद में 12,944 करोड़ रुपये के निवेश समझौते –संजय शिरसाट

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
जिलास्तरीय निवेश परिषद 2026 में 232 उद्योगों के साथ 12 हजार 944 करोड़ रुपये के निवेश संबंधी समझौता ज्ञापन किए गए। इन निवेशों के माध्यम से 21 हजार 306 लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होने की जानकारी जिला उद्योग केंद्र की ओर से दी गई।
राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री तथा औरंगाबाद जिले के पालकमंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि उद्यमियों के सपनों को उड़ान देने के लिए शासन हरसंभव सहयोग करेगा। उन्होंने उद्यमियों से दृढ़ संकल्प के साथ अपनी प्रगति जारी रखने का आह्वान किया।
संजय शिरसाट ने कहा कि छोटे आपूर्तिकर्ताओं, उद्यमियों और बड़े उद्योगों के बीच की औद्योगिक श्रृंखला को मजबूत करना आवश्यक है। उद्यमियों को आगे बढ़ने के लिए शासन उनके प्रयासों को मजबूती देगा। जिले की औद्योगिक बस्तियों में भूमि की मांग बढ़ रही है। आज निवेश समझौते करने वाले उद्योगों को भूमि उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग, बहुजन कल्याण तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री अतुल सावे ने कहा कि औरंगाबाद जिले में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। जिले में बढ़ते औद्योगिक निवेश को देखते हुए परिवहन, बिजली आपूर्ति और समन्वय केंद्र जैसी आवश्यक सुविधाओं को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है।
अतुल सावे ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में औरंगाबाद की पहचान विश्व में विद्युत वाहन निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में बनेगी। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित करना और उनका विस्तार करना सरल हो, इसके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की नीति है।
निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से निवेशकों और व्यवसायियों को एक मंच उपलब्ध कराने के लिए जिलास्तरीय निवेश परिषद का आयोजन किया गया। यह परिषद होटल रामा इंटरनेशनल में आयोजित हुई।
परिषद की अध्यक्षता पालकमंत्री संजय शिरसाट ने की। इस अवसर पर मंत्री अतुल सावे, जिलाधिकारी विनय गौडा जी. सी., विभागीय सह आयुक्त (उद्योग) स्वप्नील राठोड, जिला उद्योग केंद्र की उपायुक्त करुणा खरात तथा मैत्री की समन्वयक धनश्री जाधव प्रमुख रूप से उपस्थित थीं।
जिलाधिकारी विनय गौडा जी. सी. ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए शासन की नीति के अनुसार प्रशासन तेजी से कार्य कर रहा है। औद्योगिक विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में जारी है।
कार्यक्रम का प्रारंभिक वक्तव्य स्वप्नील राठोड ने दिया, जबकि संचालन प्रविणा कन्नडकर ने किया। परिषद में बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया।
