मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन को बड़ी सफलता? सरकार की गतिविधियां तेज, सरकार ने लिया बड़ा फैसला

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाने वाले मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटील एक बार फिर अनशन पर बैठे हैं। उनके अनशन का आज आठवां दिन है और उनकी तबीयत बिगड़ गई है। इसी बीच अब सरकार की ओर से बड़ा कदम उठाए जाने की जानकारी सामने आई है।
दो दिन पहले बीजेपी विधायक प्रसाद लाड ने मनोज जरांगे पाटील से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया था कि सरकार मनोज जरांगे पाटील की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार है। साथ ही लाड ने जरांगे पाटील से अनशन वापस लेने की अपील भी की थी। हालांकि, जरांगे पाटील ने अनशन वापस लेने से इनकार कर दिया था।
मनोज जरांगे पाटील ने स्पष्ट कहा था कि पहले हैदराबाद गजट के अनुसार कुणबी प्रमाणपत्रों का वितरण शुरू किया जाए, उसके बाद ही अनशन खत्म करने के बारे में विचार किया जाएगा।
प्रसाद लाड के आश्वासन के बाद मनोज जरांगे पाटील ने पानी पिया था और सलाइन लगाने की तैयारी भी दिखाई थी। उन्होंने सरकार को दो दिन का समय दिया था। इससे पहले अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी जरांगे पाटील से मुलाकात कर उनसे अनशन वापस लेने की अपील की थी। अधिकारियों ने उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था।
हालांकि, मनोज जरांगे पाटील का अनशन अभी भी जारी है। इसी बीच अब सरकार के स्तर पर गतिविधियां तेज होने की बड़ी खबर सामने आई है।
प्रतिनिधिमंडल की जरांगे पाटील से मुलाकात के बाद सरकार की ओर से SEBC प्रमाणपत्र वितरण की मासिक जानकारी पेश करने के आदेश दिए गए हैं। औरंगाबाद संभागीय आयुक्त कार्यालय ने मराठवाड़ा के सभी जिलाधिकारियों को तत्काल यह जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जनवरी 2023 से अब तक मराठा समाज को वितरित किए गए 10 प्रतिशत SEBC प्रमाणपत्रों की जिलावार और माहवार संख्या मांगी गई है। मंत्रिमंडल उपसमिति के अध्यक्ष के आदेश के बाद सह आयुक्त (सामान्य प्रशासन) मंजुषा मिसकर ने यह संपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के इस आदेश के बाद मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सरकारी स्तर पर गतिविधियां तेज होने की बात सामने आ रही है। अब सरकार की ओर से आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
