मनोज जरांगे पाटील को अस्पताल में भर्ती होने और यात्रा से बचने की जिला स्वास्थ्य व्यवस्था की सलाह

जालना | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
मराठा समाज की विभिन्न मांगों को लेकर अंतरवाली सराटी में आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटील के स्वास्थ्य की आज सुबह करीब 11.10 बजे जिला चिकित्सा व्यवस्था की ओर से जांच की गई। उपवास के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सा दल ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने तथा यात्रा से बचने की सलाह दी। हालांकि, मनोज जरांगे पाटील ने अस्पताल में भर्ती होने की सहमति नहीं दी, ऐसी जानकारी जिला स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर से दी गई है।
मनोज जरांगे पाटील 29 अगस्त 2026 से अंतरवाली सराटी में उपवास पर बैठे हैं। उनके स्वास्थ्य की निगरानी के लिए 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों का चिकित्सा दल तैनात है। जिला सामान्य अस्पताल के चिकित्सा दल द्वारा उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच की जा रही है।
15 सितंबर 2026 को सुबह 11.10 बजे की गई जांच के दौरान मनोज जरांगे पाटील होश में थे और प्रतिक्रिया देने की स्थिति में थे। हालांकि, उन्हें थकान महसूस हो रही थी और उनकी जीभ सूखी पाई गई। उन्होंने पेशाब का नमूना नहीं दिया। साथ ही, नस के जरिए तरल पदार्थ देने से भी उन्होंने इनकार कर दिया। यह जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट के माध्यम से दी है।
इससे पहले 14 सितंबर की रात 9.40 बजे उनकी चिकित्सा जांच की गई थी। इसके बाद 15 सितंबर को तड़के 1.30 बजे और सुबह 7.05 बजे उन्होंने चिकित्सा जांच कराने से इनकार कर दिया।
मनोज जरांगे पाटील चिकित्सा जांच और उपचार करवाएं, इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और जिला स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर से समय-समय पर उनसे अनुरोध किया गया। साथ ही, उनसे बार-बार बातचीत कर चिकित्सा जांच और उपचार करवाने के लिए उन्हें मनाने का प्रयास किया गया। हालांकि, उन्होंने उपचार लेने और अस्पताल में भर्ती होने से इनकार कर दिया।
मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए मनोज जरांगे पाटील को यात्रा करना उचित नहीं होने की सलाह भी दी गई है। स्वास्थ्य को होने वाले संभावित खतरों की जानकारी दिए जाने के बावजूद उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने की सहमति नहीं दी है। यह जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी है।
