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राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर तीखा हमला, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा 

केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) की स्वायत्तता और पारदर्शिता को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव आयोग में आंतरिक मतभेद की खबर सामने आने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 24 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि संस्था लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा, “पहले वोट चोरी, फिर कानून चोरी और उसके बाद संस्था चोरी।”

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए भाजपा की चुनावी जीत और चुनाव आयोग के कामकाज पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में सत्ता विरोधी लहर एक वास्तविकता है। ऐसे में जनता के भाजपा से नाराज होने के बावजूद हर चुनाव में भाजपा की जीत कैसे होती है, यह सवाल उठता है।

राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर 14 बार गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं। उन्होंने इसे देश में कथित ‘वोट चोरी’ का बड़ा सबूत बताया।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर संविधान और देश के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हटाने के प्रस्ताव की तैयारी

इस बीच कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के अन्य दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में हटाने का प्रस्ताव लाने की तैयारी किए जाने की बात सामने आई है।

कानूनी विशेषज्ञों की मदद से प्रस्ताव का मसौदा तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। आगामी एक से दो सप्ताह में लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में इस संबंध में नोटिस पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की प्रक्रिया के लिए संसद के दोनों सदनों में निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना होता है। प्रस्ताव पेश करने के लिए लोकसभा में कम से कम 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है। नोटिस स्वीकार होने के बाद जांच समिति गठित की जाती है और आगे की प्रक्रिया के बाद दोनों सदनों में विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित होना आवश्यक होता है।

ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए चुनावों पर राहुल गांधी के सवाल

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद देश में हुए विभिन्न चुनावों की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं।

उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव, असम विधानसभा चुनाव, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।

भाजपा का पलटवार

राहुल गांधी के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने भी पलटवार किया। भाजपा प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति राहुल गांधी की कथित नाराजगी और चुनावों में लगातार हार के कारण वह चुनाव आयोग के सामान्य प्रशासनिक मतभेदों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

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