दिवाली की खरीदारी के बीच जालना में यातायात व्यवस्था ध्वस्त, बाजारों में घंटों जाम से नागरिक बेहाल!

जालना/कादरी हुसैन
दिवाली के त्योहार को देखते हुए जालना शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी के लिए नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लेकिन इस भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए यातायात शाखा तथा महानगरपालिका की ओर से पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाने के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर यातायात जाम की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
बाजारों की सड़कों पर छोटे व्यापारियों ने अपना सामान फैलाकर दुकानें लगा रखी हैं, जबकि हाथगाड़ी चालकों के कारण भी सड़कें संकरी हो गई हैं। दिवाली की खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन बाजारों में पहुंच रहे हैं। वहीं, ऑटो रिक्शा की आवाजाही से भी भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात प्रभावित हो रहा है। परिणामस्वरूप वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले नागरिकों को भी रास्ता निकालना मुश्किल हो रहा है।
पिछले दो दिनों से शहर के अधिकांश प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। नागरिकों को कुछ दूरी तय करने के लिए भी घंटों जाम में फंसे रहना पड़ रहा है। आरोप है कि जिन स्थानों पर यातायात का सबसे अधिक दबाव है, वहां यातायात पुलिस के पर्याप्त कर्मचारी तैनात नहीं दिखाई दे रहे हैं। कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही पुलिसकर्मियों की मौजूदगी नजर आने से नागरिकों में नाराजगी है।
आवारा मवेशियों ने बढ़ाई परेशानी
शहर की यातायात समस्या में आवारा मवेशियों की मौजूदगी भी बड़ी बाधा बन रही है। महानगरपालिका की ओर से लगभग दो महीने पहले आवारा मवेशियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा दिखाई दे रहा है। इससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा है और पैदल चलने वाले नागरिकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
महानगरपालिका के अतिक्रमण विभाग की कार्रवाई को लेकर भी नागरिकों में असंतोष है। आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाए जाने के बावजूद कुछ दुकानदार और हाथगाड़ी चालक दोबारा उसी स्थान पर कब्जा कर लेते हैं। कार्रवाई के दौरान अस्थायी रूप से सामान हटाया जाता है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। ऐसे में अतिक्रमण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की निरंतरता पर सवाल उठ रहे हैं।
दिवाली जैसे बड़े त्योहार के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना पहले से ही रहती है। ऐसे में यातायात के लिए विशेष नियोजन, अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण, आवारा मवेशियों को हटाने तथा वाहनों के लिए वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था करना संबंधित विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए थी। लेकिन पर्याप्त तैयारी के अभाव में नागरिकों को खरीदारी के लिए निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
नागरिकों ने यातायात शाखा और महानगरपालिका प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर प्रमुख बाजारों में अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती, अतिक्रमण पर नियमित कार्रवाई, आवारा मवेशियों पर नियंत्रण और व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि दिवाली की खरीदारी के दौरान लोगों को जाम और अव्यवस्था से राहत मिल सके।
