रोहित पठारे हत्याकांड से वैजापुर में आक्रोश, आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न दलों ने खोला मोर्चा

वैजापूर/खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
शहर में रोहित पठारे हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। पुरानी रंजिश के चलते 31 अक्टूबर को येवला रोड इलाके में रोहित पठारे नामक युवक पर तलवार, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। हमले में गंभीर रूप से घायल रोहित की 3 नवंबर को उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और भीम सैनिकों ने आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया।
रोहित की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने वैजापुर पुलिस थाने के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी ने आत्मदाह करने का प्रयास किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर बड़ी अनहोनी टाल दी। इसके बाद डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक परिसर में आक्रोशित नागरिकों ने करीब चार घंटे तक रास्ता रोको आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर सजा देने की मांग की।
इस मामले में परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने शिकायत दर्ज करने में आनाकानी की और आरोपियों को बचाने का प्रयास किया। इस बीच पालकमंत्री संजय शिरसाट ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। परिजनों की बात सुनने के बाद उन्होंने पुलिस जांच को लेकर नाराजगी जताई। साथ ही मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपने के निर्देश दिए। इसके अलावा सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।
इधर, पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। हिरासत में लिए गए आरोपियों को अदालत में पेश करने के लिए ले जाते समय आक्रोशित भीड़ ने उनकी ओर बढ़ने का प्रयास किया। इसके चलते अदालत परिसर में कुछ समय के लिए तनाव और हंगामे की स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
