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बोगस डॉक्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई; डेंग्यू नियंत्रण के लिए निजी अस्पतालों को रिपोर्टिंग और रैपिड टेस्ट रिपोर्ट देना अनिवार्य : जिलाधिकारी आशिमा मित्तल

जालना/कादरी हुसैन

जिले में बोगस डॉक्टरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने तथा डेंग्यू की पृष्ठभूमि में सभी स्तरों पर समन्वय के साथ प्रतिबंधात्मक उपाय करने के निर्देश जिलाधिकारी आशिमा मित्तल (भा.प्र.से.) ने दिए। जिलाधिकारी कार्यालय में आज उनकी अध्यक्षता में जिले के डॉक्टरों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शल्य चिकित्सक, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी तथा सभी तहसील स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित थे।

जिले में कुल 671 निजी चिकित्सा व्यवसायी हैं, जिनमें से 36 डॉक्टरों के बोगस होने की जानकारी सामने आई है। अब तक बोगस डॉक्टरों के खिलाफ 7 शिकायतें प्राप्त हुई हैं और इन सभी 7 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। बदनापुर तहसील में बोगस डॉक्टरों की संख्या बढ़ने की जानकारी सामने आने पर जिलाधिकारी ने दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोगस डॉक्टरों के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

जिले में इस वर्ष 28 सितंबर तक डेंग्यू के 17 मरीज पाए गए हैं। फिलहाल जिले में डेंग्यू का प्रकोप नहीं है। अब तक 881 रैपिड डेंग्यू एनएस1 एंटीजन टेस्ट किए गए हैं, जिनमें से 17 टेस्ट पॉजिटिव पाए गए हैं। हालांकि, विभिन्न स्थानों पर घरों में जमा पानी में मच्छरों के लार्वा पाए जाने का प्रमाण बढ़ रहा है। इसे देखते हुए नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

मच्छरों का जीवनचक्र रोकने के लिए घरों और आसपास जमा पानी तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। डेंग्यू के हॉटस्पॉट चिन्हित कर वहां आवश्यक उपाययोजना करने के निर्देश भी प्रशासन की ओर से दिए गए हैं। डेंग्यू संदिग्ध और संक्रमित मरीजों की जानकारी जिला शल्य चिकित्सक अथवा जिला स्वास्थ्य अधिकारी को देना निजी अस्पतालों के लिए अनिवार्य किया जाएगा। बुखार से पीड़ित डेंग्यू संदिग्ध मरीजों की रैपिड डेंग्यू जांच कर उसकी रिपोर्ट संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को देना भी अनिवार्य होगा।

तहसील स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के अस्पतालों का नियमित दौरा कर जांच एवं निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। निजी अस्पतालों में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा बोगस डॉक्टरों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।

डेंग्यू के प्रसार को रोकने के लिए तहसील स्वास्थ्य अधिकारियों को पंचायत समिति के गट विकास अधिकारियों के साथ समन्वय कर फॉगिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम पंचायतों और नगर परिषदों को नालियों की सफाई, नियमित एवं स्वच्छ जलापूर्ति तथा धुआं फवारणी करने के निर्देश दिए गए हैं।

डेंग्यू से बचाव के संबंध में नागरिकों में जागरूकता पैदा करने के लिए तहसील स्वास्थ्य अधिकारियों और चिकित्सा अधिकारियों को वीडियो के माध्यम से जानकारी तैयार कर उसका प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मीडिया के माध्यम से भी नागरिकों को डेंग्यू से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें, इसकी जानकारी देने को कहा गया है।

डेंग्यू का प्रसार एडीज एजिप्टी मच्छर के कारण होता है। यह मच्छर साफ जमा पानी में अंडे देता है और मुख्य रूप से दिन के समय काटता है। इसलिए घरों में रखे कूलर, गमलों के नीचे रखी ट्रे, मटके तथा पानी की टंकियों को सप्ताह में कम से कम एक बार खाली कर सुखाना चाहिए।

घर में पानी के भंडार को ढककर रखना चाहिए। छत पर रखे पुराने टायर, प्लास्टिक की बोतलें, नारियल के छिलके आदि वस्तुओं में पानी जमा न होने दें। अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में दर्द या शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा न लें और तत्काल सरकारी अस्पताल में जांच करवाएं।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि उपचार केवल पंजीकृत डॉक्टरों से ही करवाएं। बोगस डॉक्टरों के संबंध में शिकायत होने पर संबंधित तहसील स्वास्थ्य अधिकारी या जिला शल्य चिकित्सक कार्यालय से संपर्क करें।

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