
कन्नड़ | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 52 पर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फ्लाईओवर और बाईपास के निर्माण में कथित लापरवाही के चलते अब तक 32 लोगों की मौत होने का दावा राष्ट्रवादी महिला कांग्रेस की छत्रपती औरंगाबाद जिला अध्यक्ष स्वाती संतोष कोल्हे ने किया है।
महामार्ग की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के खिलाफ मंगलवार को स्वाती कोल्हे सड़क पर उतर गईं। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस उपाधीक्षक अपरजिता अजीहोत्री को शिकायत और ज्ञापन सौंपा।
कोल्हे ने कन्नड़ शहर के प्रवेश-निकास मार्ग, कारखाना फ्लाईओवर, अंधानेर टी-पॉइंट और गल्ले बोरगांव बाईपास फ्लाईओवर के निर्माण कार्यों पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि निर्माण स्थल पर वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए जरूरी ब्लिंकिंग लाइट, रेडियमयुक्त दिशासूचक फलक, प्लास्टिक बंपर और उचित डायवर्जन जैसी व्यवस्थाएं पर्याप्त रूप से नहीं की जा रही हैं।
इसी बीच कारखाना साइट के पास सोमवार रात फिर भीषण हादसा हुआ, जिसमें चार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का औरंगाबाद के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल में उपचार जारी है।
महामार्ग निर्माण में इस्तेमाल होने वाले गौण खनिज यानी मुरुम को लेकर भी कोल्हे ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में सड़क की खुदाई से निकलने वाले मुरुम के कथित गैरकानूनी कारोबार और कुछ स्थानीय लोगों द्वारा अधिकारियों को बचाने के लिए मध्यस्थता किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
स्वाती कोल्हे ने मांग की है कि महामार्ग पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाएं, निर्माण कार्यों की जांच कराई जाए और यदि लापरवाही या नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
आंदोलन के दौरान पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. अण्णा शिंदे, अशोक दापके, डॉ. सदाशिव पाटील, युवराज बोर्से, नवनाथ राठोड़ सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।