रसोई से लेकर बड़े गोदामों तक खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल, खान एजाज अहमद ने की देशव्यापी जागरूकता की अपील
चावल, गेहूं, आटा, दाल और मसालों में घुन, कीड़े व उनके लार्वा की आशंका; खाद्य विभाग से दुकानों और गोदामों की नियमित जांच करने की मांग

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
हमारे घरों की रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाले चावल, गेहूं, आटा, दाल, बेसन, सूजी, मैदा और मसालों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण सवाल सामने आया है। बाजार से खरीदे जाने वाले खाद्य पदार्थों में घुन, छोटे कीड़े, उनके अंडे और लार्वा की मौजूदगी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन सकती है। इसी मुद्दे को लेकर CMBC Overall Development Platform के डायरेक्टर और खासदार टाईम्स के मुख्य संपादक खान एजाज अहमद ने देश के नागरिकों, दुकानदारों, व्यापारियों और प्रशासन से खाद्य सुरक्षा के प्रति गंभीरता बरतने की अपील की है।
खान एजाज अहमद का कहना है कि खाद्य पदार्थों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल किसी एक दुकान, कंपनी या प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं है। बड़े सुपरमार्केट, डी-मार्ट जैसे शॉपिंग स्टोर, छोटी किराना दुकानें, थोक बाजार, खाद्य गोदाम और घरेलू रसोई, सभी स्तरों पर खाद्य सामग्री का उचित रखरखाव और नियमित जांच आवश्यक है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आम नागरिक प्रतिदिन बाजार से खाद्य सामग्री खरीदकर अपने परिवार को खिलाते हैं, लेकिन कितने लोग उसकी गुणवत्ता, पैकिंग, एक्सपायरी डेट और उसमें कीड़ों या संक्रमण की संभावना की जांच करते हैं? कई बार खाद्य पदार्थों में कीटों का संक्रमण शुरुआती अवस्था में दिखाई भी नहीं देता। ऐसे में खरीदारी से लेकर भंडारण तक सावधानी बरतना जरूरी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग से नियमित निरीक्षण की मांग
खान एजाज अहमद ने प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि बड़े सुपरमार्केट से लेकर छोटी किराना दुकानों और थोक गोदामों तक नियमित निरीक्षण किया जाए। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, पैकिंग, भंडारण और एक्सपायरी डेट की जांच सुनिश्चित की जाए। संक्रमित अथवा खराब खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि दुकानदारों और गोदाम संचालकों को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के संबंध में जागरूक किया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
व्यापारियों से ग्राहकों की सेहत को प्राथमिकता देने की अपील
उन्होंने दुकानदारों और व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि व्यापार केवल सामान बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राहकों के विश्वास और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी इससे जुड़ी हुई है। प्रत्येक व्यापारी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह ग्राहकों को साफ-सुथरी, सुरक्षित और निर्धारित गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री ही उपलब्ध कराए।
नागरिक भी अपने घरों में बरतें सावधानी
खान एजाज अहमद ने आम नागरिकों से भी अपने किचन और राशन की नियमित जांच करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि चावल, आटा, दाल और मसालों को साफ, सूखे तथा एयरटाइट डिब्बों में रखना चाहिए। राशन में नमी, सीलन, घुन, कीड़े या फफूंद दिखाई देने पर उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसी सामग्री को दूसरे खाद्य पदार्थों से अलग रखकर सुरक्षित तरीके से निपटाना चाहिए। साथ ही राशन के डिब्बों और किचन की नियमित सफाई भी जरूरी है।
प्रशासन से जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील
उन्होंने प्रशासन के सामने कुछ महत्वपूर्ण सवाल भी रखे हैं। क्या सभी खाद्य कारोबारों में सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है? क्या बड़े और छोटे प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण होता है? क्या आम नागरिकों को सुरक्षित खाद्य पदार्थों की पहचान के बारे में पर्याप्त जानकारी दी जा रही है? क्या खाद्य सामग्री से संबंधित शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई होती है?
खान एजाज अहमद ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यापारी, कंपनी या प्रतिष्ठान को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि व्यापार के विकास के साथ उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित भोजन हर नागरिक का अधिकार है और इसकी जिम्मेदारी सरकार, खाद्य विभाग, व्यापारियों तथा उपभोक्ताओं सभी की है। हमारे घरों में पहुंचने वाला राशन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के भोजन का हिस्सा बनता है। इसलिए खाद्य सुरक्षा को केवल सरकारी विभागों का विषय न मानकर जनहित का महत्वपूर्ण मुद्दा बनाया जाना चाहिए।
अंत में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे आज ही अपने घरों में रखे राशन की जांच करें और परिवार तथा आसपास के लोगों को भी सुरक्षित खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि एक छोटी-सी सावधानी पूरे परिवार को संभावित जोखिम से बचाने में मदद कर सकती है।
