जालना में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक को दो साल की सजा
फर्जी आधार, पैन और मतदाता पहचान पत्र के आधार पर भारत में कर रहा था निवास; जिला एवं सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला

जालना/कादरी हुसैन
भारत में अवैध रूप से प्रवेश कर फर्जी पहचान दस्तावेजों के आधार पर रहने के मामले में जालना जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक बांग्लादेशी नागरिक को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर अलग-अलग धाराओं के तहत कुल 1,150 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह फैसला 28 अक्टूबर 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रमांक-6, जालना के न्यायाधीश आर. बी. पारवेकर ने बदनापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध क्रमांक 112/2025 की सुनवाई के दौरान सुनाया। दोषी ठहराए गए आरोपी की पहचान असलम मनी काजी (26) के रूप में हुई है।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे मुंबई से जालना तक रहा
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के बाद फर्जी मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड और आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों के आधार पर अपनी पहचान स्थापित की थी। वह पहले मुंबई के डोंबिवली पूर्व स्थित मानपाड़ा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में और बाद में जालना जिले के बदनापुर में रह रहा था।
अस्पताल में विवाद की सूचना से खुला मामला
इस पूरे मामले का खुलासा 7 अप्रैल 2025 को हुआ। सुबह करीब 9 बजे बदनापुर पुलिस स्टेशन को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि नूर अस्पताल में मारपीट की आशंका है और किसी की जान को खतरा हो सकता है।
सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात पुलिस कांस्टेबल रियाज मोहम्मद पठान (बकल नंबर 231) मौके पर पहुंचे। वहां एक महिला और पुरुष के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस ने जब दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने अपना पता मुंबई बताया। आगे की जांच और पूछताछ में उनके बांग्लादेश का मूल निवासी होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
न्यायालय ने इन धाराओं में सुनाई सजा
न्यायालय ने आरोपी को निम्नलिखित सजा सुनाई:
- पासपोर्ट अधिनियम (भारत में प्रवेश) 1950 की धारा 3 एवं 6 के तहत तीन महीने का साधारण कारावास और 150 रुपये जुर्माना। जुर्माना नहीं भरने पर 10 दिन का अतिरिक्त कारावास।
- विदेशी नागरिक अधिनियम 1946 की धारा 14 के तहत दो वर्ष का साधारण कारावास और 500 रुपये जुर्माना। जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास।
- विदेशी नागरिक अधिनियम 1946 की धारा 14-अ (ब) के तहत दो वर्ष का साधारण कारावास और 500 रुपये जुर्माना। जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास।
पुलिस जांच और सरकारी पक्ष की पैरवी
मामले की जांच बदनापुर पुलिस स्टेशन के पुलिस उपनिरीक्षक ए. जी. जायसवाल ने की। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। आरोपी की ओर से अपराध स्वीकार करने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद सरकार पक्ष ने अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के पश्चात न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
सरकार की ओर से अतिरिक्त सरकारी अभियोक्ता एड. जयश्री बी. सोलंके (बोराडे) ने पैरवी की।
इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक तेघबीर सिंह संधू, अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम साळे और उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक सुरवसे, कोर्ट पैरवी अधिकारी तथा जिला सरकारी वकील कार्यालय के कर्मचारियों ने सहयोग किया।