AurangabadBreaking News

अकाल बारिश का कहर: मराठवाड़ा में खेती चौपट, 27 लोगों की मौत, 391 मवेशियों की जान गई

मई की शुरुआत होते ही मराठवाड़ा के किसान खरीफ सीजन के लिए जमीन की जुताई में जुट गए थे, लेकिन 3 मई से अचानक मौसम ने करवट ली और बिजली की तेज़ गरज के साथ अकाल बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। अब तक लगातार बारिश हो रही है और थमने के कोई आसार नहीं हैं। इस आपदा ने किसानों की तैयारी पर पानी फेर दिया है और उन्हें आर्थिक व मानसिक झटका लगा है।

बिजली गिरने से 27 की मौत, 391 मवेशी भी मरे

अब तक बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में 27 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा 7 मौतें जालना जिले में हुई हैं। बिजली गिरने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं और कई जगहों पर मवेशी भी इसकी चपेट में आए हैं। कुल 391 मवेशियों की मौत से पशुपालकों पर संकट टूट पड़ा है।

घरों को नुकसान, 597 गांव प्रभावित

तेज आंधी-तूफान के चलते बीड जिले में 3 घर और परभणी में 1 घर पूरी तरह ढह गए हैं। इसके अलावा 84 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। मराठवाड़ा क्षेत्र के कुल 597 गांवों पर इस अकाल बारिश का सीधा असर पड़ा है और 7,146 किसानों को इसका नुकसान उठाना पड़ा है।

खेती को भारी नुकसान, खरीफ सीजन पर संकट

अकाल बारिश के कारण खेतों की जुताई का काम अधूरा रह गया है और 4,000 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले ही यह आपदा किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनकर आई है। राज्य सरकार नुकसान का पंचनामा करा रही है और किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग तेज हो रही है।

राज्य भर में येलो अलर्ट, अगले कुछ दिन और बारिश की संभावना

हवामान विभाग ने मुंबई, मराठवाड़ा और विदर्भ के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इसमें जालना, परभणी, हिंगोली, नांदेड़, लातूर, अकोला, अमरावती, बुलढाणा, नागपुर, वर्धा, यवतमाल सहित अन्य जिलों को शामिल किया गया है। तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली की तारें गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और जिलाधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button