शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने फिर किया विवाद खड़ा, AIMIM नेता इम्तियाज जलील को दी धमकी, कहा- “इतना पीटूंगा की होटल चलाने लायक नहीं छोड़ूंगा”

बुलढाणा: शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ एक बार फिर अपने विवादित बयानों और हिंसक बर्ताव को लेकर सुर्खियों में हैं। पहले कैंटीन कर्मचारी को ‘बासी खाना’ पर थप्पड़ मारने के आरोप में घिरे गायकवाड़ ने अब AIMIM के नेता और महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी है। उन्होंने खुलेआम कहा, “मैं इम्तियाज जलील को इतनी बुरी तरह पीटूंगा कि वह होटल चलाने की हालत में नहीं रहेंगे।”
यह बयान तब आया जब इम्तियाज जलील ने गायकवाड़ के हाथों कैंटीन कर्मचारी के साथ हुई मारपीट की घटना की निंदा की थी। जलील ने कहा कि किसी गरीब कर्मचारी को पीटना अमानवीय है और यह गायकवाड़ के हिंसक स्वभाव को दर्शाता है। उन्होंने चुनौती दी, “अगर गायकवाड़ मुझसे झगड़ा करना चाहते हैं, तो समय और जगह बता दें, मैं खुद पहुंच जाऊंगा। मैं गलत के खिलाफ खड़ा रहूंगा, चाहे सामने कोई भी हो।”
गायकवाड़ की यह विवाद की शुरुआत मंगलवार रात हुई जब उन्होंने खाने में दाल और चावल को बासी बताते हुए कैंटीन में घुसकर एक कर्मचारी से जबरन खाना सूंघवाया और उसे थप्पड़ और घूंसे मारे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे गायकवाड़ की तीव्र आलोचना होने लगी। इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आचरण और शिष्टाचार को लेकर बहस छिड़ गई।
इम्तियाज जलील ने कहा कि गायकवाड़ को अगर कोई शिकायत थी तो उन्हें विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर शिकायत करनी चाहिए थी। “अगर वो थोड़े पढ़े-लिखे होते, तो शायद कानून का सहारा लेते न कि हिंसा का,” जलील ने तंज कसा।
इस मामले में शुक्रवार को पुलिस ने संजय गायकवाड़ और उनके एक समर्थक पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत असंज्ञेय अपराध दर्ज किया है। चूंकि यह अपराध गैर-गंभीर श्रेणी में आता है, इसलिए अदालत की अनुमति के बिना गिरफ्तारी संभव नहीं है।
यह पूरा घटनाक्रम ना सिर्फ एक जनप्रतिनिधि के आचरण पर सवाल उठाता है, बल्कि गरीब कर्मचारियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और नेताओं की भाषा शैली पर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।
