ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस की बयानबाज़ी को AIMIM का करारा जवाब, वारिस पठान बोले- सेना के खिलाफ सवाल उठाना गलत

मुंबई: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस नेताओं की बयानबाज़ी पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रवक्ता वारिस पठान ने तीखा जवाब देते हुए भारतीय सेना का समर्थन किया है। सोमवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पर कोई सवाल नहीं खड़ा कर सकता। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जो लोग सवाल उठा रहे हैं, वे गलत हैं। AIMIM सेना के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
वारिस पठान ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में सभी पार्टियों ने सरकार को आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों में पूरा समर्थन देने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि सेना ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान में कई आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया गया है। उन्होंने कहा, “हमने पाकिस्तान की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है। भारतीय सेना जो कहती है, वही हमारे लिए अंतिम सत्य है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पठान ने कहा, “अगर युद्ध नहीं था, तो युद्धविराम (सीजफायर) कैसे हुआ? यह अच्छा होता कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की जगह खुद पीएम मोदी देश को जानकारी देते।” उन्होंने शिमला समझौते का हवाला देते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच किसी तीसरे देश की भूमिका नहीं हो सकती। ऐसे में ट्रंप के ट्वीट पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन पर AIMIM प्रवक्ता ने कहा, “यह अच्छी बात है कि पीएम मोदी देश को संबोधित कर रहे हैं। लेकिन यह भी जरूरी है कि वह ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी पूरी जानकारी साझा करें और यह भी स्पष्ट करें कि सीजफायर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति की भूमिका क्या रही।”
वारिस पठान ने कहा कि देश को यह जानने का हक है कि पाकिस्तान अब आतंकवाद को शरण नहीं देगा, इस पर क्या कोई ठोस गारंटी दी गई है? उन्होंने केंद्र सरकार से इन सभी मुद्दों पर पारदर्शिता की मांग की।
