पंढरपुर में कर्ज के बोझ और साहूकारों के दबाव से परेशान व्यापारी ने की आत्महत्या, 7 के खिलाफ मामला दर्ज

पंढरपुर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां कर्जबारी और निजी साहूकारों के लगातार दबाव से परेशान एक व्यापारी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान सुरेश मारुति कांबले (64), निवासी वाखरी, पंढरपुर के रूप में हुई है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला, जिसके आधार पर 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, सुरेश कांबले पंढरपुर के वाखरी इलाके में अपनी पत्नी शकुंतला कांबले के साथ रहते थे। उनके दोनों बेटे बाहर रहते हैं और बेटी की शादी हो चुकी है। शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे सुरेश ने पत्नी से नहाने के लिए पानी रखने को कहा। शकुंतला ने पानी रख दिया और खाना बनाकर बैठ गईं। काफी देर तक सुरेश के न लौटने पर उन्हें चिंता हुई। घुटने की सर्जरी के कारण वे खुद ऊपर नहीं जा सकती थीं, इसलिए बेटे को फोन किया। इसके बाद बेटे का एक दोस्त घर पहुंचा और ऊपर जाकर देखा तो सुरेश कांबले ने लुंगी के सहारे फांसी लगा ली थी।
पुलिस को मृतक की जेब से एक चिठ्ठी मिली, जिसमें लिखा था कि उनका व्यापार मंदी के कारण नुकसान में है। दुकान का खर्च चलाने और नुकसान की भरपाई के लिए उन्होंने निजी साहूकारों से 6% ब्याज पर कर्ज लिया था। कर्ज का ब्याज और किस्तें चुकाने में लगातार परेशानी हो रही थी और साहूकारों के बार-बार पैसे वसूलने के दबाव ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया।
सुसाइड नोट में मृतक ने 7 लोगों — भारत हिलाल, विकी अभंगराव, शिवाजी गाजरे, बंडू भोसले, काशी ज्वेलर्स के बापू गायकवाड़, संजय व्यवहारे और इरफान — के नाम लिखे और आरोप लगाया कि ये साहूकार उन्हें जातिसूचक गालियां देते थे, धमकियां देते थे और मानसिक उत्पीड़न करते थे।
मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने इन 7 लोगों के खिलाफ निजी साहूकारी और अत्याचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
