मा. विशेष पुलिस महानिरीक्षक, औरंगाबाद परिक्षेत्र द्वारा आयोजित अपराध समीक्षा बैठक — उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी हुए सम्मानित

जालना / कादरी हुसैन
दिनांक 14 अक्टूबर 2025 को मा. श्री वीरेन्द्र मिश्र, विशेष पुलिस महानिरीक्षक, औरंगाबाद परिक्षेत्र के मार्गदर्शन में जालना जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले के सभी उपविभागीय पोलिस अधिकारी, थाना प्रभारी अधिकारी तथा शाखा प्रमुख उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत मा. विशेष पुलिस महानिरीक्षक श्री वीरेन्द्र मिश्र के हस्ते कम्युनिटी पुलिसिंग हेतु जनजागरण वीडियो वैन का लोकार्पण कर की गई। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी स्तर पर पुलिस–जन सहयोग को और सशक्त बनाना है।
इसके उपरांत सितंबर 2025 माह में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य रूप से हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, जबरी चोरी, घरफोड़, मोटरसाइकिल चोरी, चारपहिया वाहन चोरी जैसे गंभीर अपराधों की समीक्षा की गई और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए।
मा. विशेष पुलिस महानिरीक्षक ने अंमली पदार्थ विरोधी पथक (Anti Narcotics Squad), जालना के कार्यों की सराहना करते हुए उनकी प्रभावी कार्रवाई की प्रशंसा की तथा संबंधित अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया। उन्होंने निर्देश दिया कि आगे भी नशीले पदार्थों के विरुद्ध सख्त और दर्जेदार कार्रवाई की जाए।
बैठक के दौरान उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और उपविभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि —
- अधिक से अधिक गांवों का दौरा करें।
- प्रत्येक गांव में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए नागरिकों में जनजागरण करें।
- नए कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि दोषसिद्धि प्रतिशत में वृद्धि हो।
उन्होंने हाल ही में संपन्न आरक्षण आंदोलनों, मोर्चों, गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सवों के दौरान उत्कृष्ट सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संपूर्ण पुलिस दल की प्रशंसा की।
मा. विशेष पुलिस महानिरीक्षक श्री वीरेन्द्र मिश्र की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा परिषद में मा. अजयकुमार बंसल (पुलिस अधीक्षक, जालना), मा. आयुष नोपाणी (अपर पुलिस अधीक्षक, जालना) सहित जिले के सभी उपविभागीय पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी अधिकारी और शाखा प्रमुख उपस्थित रहे।
यह बैठक अपराध नियंत्रण, समाज में कानून व्यवस्था की मजबूती और पुलिस–जन संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
