जिसका किया अंतिम संस्कार, वो लौट आई जिंदा – पूरे गांव में मचा हड़कंप

जयसिंगपुर – शिरोल तालुका के उदगांव गांव में एक बेहद अजीब और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने न केवल ग्रामीणों को बल्कि पुलिस को भी हैरान कर दिया है। जो महिला कुछ दिनों पहले लापता हुई थी और जिसकी अंत्येष्टि विधिवत रूप से कर दी गई थी – वही महिला रक्षा विसर्जन के दिन अचानक गांव लौट आई!
क्या है पूरा मामला?
उदगांव निवासी महेश महादेव ठाणेकर (उम्र 38) की पत्नी संजना ठाणेकर (उम्र 37) 19 जुलाई से लापता थीं। इस संबंध में 23 जुलाई को जयसिंगपुर पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद 29 जुलाई को मिरज तालुका के बामणी गांव में कृष्णा नदी में एक महिला का शव मिला। शव की हालत खराब थी, चेहरा पहचानना मुश्किल था, लेकिन महेश ठाणेकर ने शव पर मौजूद कपड़े, चेहरे पर तिल और अन्य निशानों के आधार पर यह दावा किया कि शव उनकी पत्नी संजना का ही है।
अंत्येष्टि हो गई, लेकिन…
शव को परिवार को सौंप दिया गया और उसी रात उदगांव के वैकुंठ धाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
लेकिन अगले ही दिन, 30 जुलाई की दोपहर, जब रक्षा विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था – उसी समय संजना ठाणेकर गांव में बचत गट की राशि जमा करने आईं। उन्हें देखकर पूरे गांव में खलबली मच गई।
कुछ देर बाद वह पुलिस स्टेशन में खुद उपस्थित हुईं।
अब असली सवाल: अंतिम संस्कार फिर किसका हुआ?
पुलिस अधिकारी सत्यवान हाके के अनुसार, संजना ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से तासगांव और बारामती में थीं। ऐसे में सवाल यह है कि जिसकी अंत्येष्टि हुई, वह महिला कौन थी? इस रहस्यपूर्ण मामले की जांच अब मिरज ग्रामीण पुलिस द्वारा की जा रही है।
यह मामला न केवल एक चूक का परिणाम है, बल्कि जांच और पहचान में लापरवाही के गंभीर संकेत भी देता है।
