लोणार में गंदगी और लापरवाही का आलम: शौचालयों की बदहाली से जनता परेशान, स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
प्रतिनिधि: फिरदोस खान पठान

लोणार: एक समय में ऐतिहासिक और स्वच्छ शहर के रूप में पहचाना जाने वाला लोणार अब गंदगी और बदहाल व्यवस्था के कारण बदनाम हो रहा है। शहर की हालत देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि यहां नगर परिषद नाम की संस्था अस्तित्व में है भी या नहीं, यह सवाल उठना लाजमी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद की निष्क्रियता और भ्रष्टाचार के कारण शहर का बुरा हाल हो चुका है।
एक समय जो शहर अपनी ऐतिहासिक विरासत और साफ-सफाई के लिए जाना जाता था, आज वहां आने वाले बाहर के लोग भी यह पूछने पर मजबूर हो जाते हैं कि “आप इतने गंदे और भंगार जैसे शहर में रहते कैसे हैं?”
शहर में खुले में शौच को रोकने के लिए नगर परिषद ने चार अलग-अलग जगहों पर सार्वजनिक शौचालय तो बनवाए हैं, लेकिन इन शौचालयों में पानी की व्यवस्था तक नहीं है। नल के टोटे गायब हैं, शौचालयों में गंदगी और दुर्गंध फैली हुई है। यही नहीं, कई शौचालयों पर आवारा कुत्तों ने कब्जा जमा लिया है, जो बारिश और धूप से बचने के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं।
नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से यहां राजनीति में गुटबाजी और मिलीभगत का माहौल बन गया है। चुनावों के समय विरोध तो होता है, लेकिन जीत के बाद सभी एकजुट होकर सिर्फ अपना फायदा देखने लगते हैं। शहर की दुर्दशा का सबसे बड़ा कारण यही है।
राज्य व केंद्र सरकार की ‘स्वच्छ शहर, सुंदर शहर’ जैसी योजनाओं में भी लोणार ने कभी भाग लिया था, लेकिन आज की स्थिति यह है कि शहर की गंदगी और बदहाली के लिए पूरी तरह से नगर परिषद का प्रशासन जिम्मेदार है। चुने हुए जनप्रतिनिधि तो अस्थायी होते हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी स्थायी होते हैं और सेवा देने, अमल करने की जिम्मेदारी उनकी होती है। लेकिन यहां प्रशासनिक अमला ही सबसे ज्यादा लापरवाह और भ्रष्ट नजर आता है।
जब नगर परिषद के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शौचालयों की स्थिति की जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने आधी-अधूरी जानकारी दी। उन्होंने यह कहकर बात टाल दी कि वे मुख्याधिकारी से बात कर सही जानकारी देंगे।
मानसून पूर्व नाले साफ करें, वरना होगा आंदोलन
लोणार शहर में नालों की सफाई न होने के कारण पहली ही बारिश में पानी और कचरा सड़कों पर बहने लगा है। इससे नगर परिषद की पोल खुल गई है। भाजपा की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही शहर के सभी नालों की सफाई नहीं की गई और शौचालयों में मूलभूत सुविधाएं नहीं दी गईं, तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
