स्थायी समिति सभापति अशोक पांगारकर सहित 9 लोगों पर जातिसूचक गालियां देने के मामले में कदीम जालना पुलिस थाने में मामला दर्ज
महापौर कक्ष में हुए विवाद के बाद बढ़ा तनाव; कई लोगों के खिलाफ एट्रोसिटी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज

जालना/कादरी हुसैन
आज दिनांक 12 मंगलवार को दोपहर दो बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार, जालना महानगरपालिका कार्यालय में कल हुए हंगामे के मामले में नगरसेवक महावीर ढक्का सहित 11 से 12 लोगों के खिलाफ प्रतीक पांगारकर की शिकायत पर जान से मारने की कोशिश का मामला दर्ज किया गया था। इसी बीच नगरसेवक महावीर ढक्का के भांजे की शिकायत पर स्थायी समिति सभापति अशोक पांगारकर सहित 9 लोगों के खिलाफ जातिसूचक गालियां देने के मामले में अपराध दर्ज किया गया है।
महानगरपालिका में हुआ विवाद अब सीधे आपराधिक स्तर तक पहुंच गया है। महापौर कक्ष में हुए हंगामे के बाद एक युवक पर जानलेवा हमला, जातिसूचक गालियां देने और उसकी सोने की चेन छीनने का गंभीर आरोप लगाया गया है, जिससे शहर के राजनीतिक हलकों में बड़ी हलचल मच गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मस्तगढ़ क्षेत्र निवासी आकाश राजू दुलगज सोमवार दोपहर महानगरपालिका में टैक्स भरने गया था। उसी दौरान महापौर कक्ष से शोर-शराबे की आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा। शिकायत में उसने बताया कि कुछ लोग नगरसेवक महावीर ढक्का के साथ विवाद कर रहे थे।
विवाद के दौरान बीच-बचाव करने का प्रयास कर रहे आकाश दुलगज को जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया गया है। साथ ही उस पर धारदार हथियार से हमला कर मारपीट की गई। इतना ही नहीं, उसके गले से लगभग 12.5 ग्राम वजन की सोने की चेन छीन लेने का भी आरोप शिकायत में लगाया गया है।
इस मामले में शिकायत के आधार पर कदीम जालना पुलिस थाने में प्रतीक पांगारकर, लखन ठाकूर, अशोक पांगारकर, विजू पांगारकर और अन्य कुछ लोगों के खिलाफ धारा 118(1), 119(1), 115(2), 352, 351(2), 189, 190, 191(2), 3(1)(r), 3(1)(s), 3(2)(va) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी अपराध दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस बीच, जालना महानगरपालिका में लगातार हो रहे हंगामों के कारण प्रशासनिक कामकाज पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नागरिकों के बीच अब “महानगरपालिका या अखाड़ा?” जैसा सवाल उठने लगा है। पुलिस इस पूरे मामले की आगे जांच कर रही है।
