मुगल युग के निशान हटाने के लिए गोपीचंद पडलकर ने की जगहों के नाम बदलने की मांग

सांगली: महाराष्ट्र में एक बार फिर से जगहों के नाम बदलने की मांग उठी है। भाजपा के विधायक गोपीचंद पडलकर ने शनिवार 26 अप्रैल को सांगली जिले के कुछ कस्बों और गांवों के नाम बदलने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना है कि मुगल काल के निशानों को मिटाने के लिए इन जगहों के नाम बदलने चाहिए।
पडलकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर खानपुर शहर का नाम बदलकर भवानीपुर करने की मांग करेंगे। इसके अलावा, जाट तालुका के सुल्तान गाडे और उमाडी गांवों के नाम बदलने की भी अपील की जाएगी।
मुगल युग के निशान मिटाने की मांग
गोपीचंद पडलकर का कहना है कि मुगल युग के निशान अब मिटा दिए जाने चाहिए और इन जगहों के पुराने नामों को पुनः बहाल किया जाना चाहिए। यह मांग उस समय उठी है जब खानपुर के एक महादेव मंदिर में नंदी की मूर्ति का अपमान किया गया। पडलकर ने कहा कि जहां भी मुगल युग के निशान हैं, उन्हें हटा देना चाहिए।
सर्व धर्म सम भाव पर विवादित बयान
भा.ज.पा. विधायक ने ‘सर्व धर्म सम भाव’ के सिद्धांत पर भी सवाल उठाए। पडलकर ने इसे हिंदुओं पर थोपी गई अवधारणा बताया और कहा कि हिंदुओं को इसे नशीली गोली की तरह खिलाया गया है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्यों हमेशा हिंदुओं से ही यह उम्मीद की जाती है कि वे इस सिद्धांत का पालन करें?
पहलगाम आतंकी हमले पर पडलकर का बयान
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर गोपीचंद पडलकर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पडलकर ने सवाल उठाया कि अगर हिंदू और मुसलमान सच में भाईचारे का रिश्ता साझा करते हैं, तो क्यों हिंदुओं से उनके धर्म के बारे में पूछकर उन्हें गोली मारी गई? उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटकों को इस्लामी आयतें पढ़ने के बाद कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया और फिर गोली मारी गई।
