लोणार: तांबोळा की ZP स्कूल या खंडहर? जर्जर इमारत में बच्चों की पढ़ाई, अभिभावकों में बढ़ी चिंता

लोणार/फिरदोस खान पठान
लोणार तालुका के तांबोळा गांव में स्थित जिला परिषद स्कूल बदहाल स्थिति में है। यहां विद्यार्थियों को न सिर्फ मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, बल्कि जर्जर इमारत और शिक्षकों की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात में टपकती छत और दीवारों में गहरी दरारें होने के कारण छात्र असुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल की तीन कक्षाओं में से दो ही कक्षाएं उपयोगी हैं, जबकि पहली से पांचवीं तक सभी कक्षाओं के बच्चों को इन्हीं दो कमरों में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
शिक्षकों की कमी के चलते भी शिक्षा प्रभावित हो रही है। पांच कक्षाओं के लिए केवल तीन शिक्षक हैं, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही।
स्कूल में पीने के पानी की सुविधा नहीं है। शौचालय बने तो हैं, लेकिन पानी न होने से उनका उपयोग नहीं हो रहा। किचन शेड भी बरसात में टपकता है, बिजली की व्यवस्था खराब और अपर्याप्त है, जबकि स्कूल की कंपाउंड दीवार भी बेहद कम ऊंचाई की है।
ग्राउंड की हालत भी चिंताजनक है। वहां शराब की बोतलें मिलने से साफ होता है कि स्कूल खत्म होने के बाद असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भारी चिंता है।
ग्राम पंचायत और स्कूल प्रबंधन समिति ने बार-बार पंचायत समिति व प्रशासन से मरम्मत और सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, लेकिन अधिकारी सिर्फ जिम्मेदारी टालते रहे। अब ग्रामीणों और शाला समिति ने सामूहिक रूप से गटविकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन पर स्कूल समिति अध्यक्ष संतोष खादंरकर, तंटामुक्ति अध्यक्ष लक्ष्मण आटोळे, ग्राम पंचायत सदस्य राहुल मोरे, पूर्व सरपंच मधुकर राठोड, जनार्दन राठोड, प्रकाश आटोळे, उद्धव आटोळे समेत समिति सदस्य करीम चौधरी, गणेश राऊत, दीपक आटोळे, गणेश बोरुडे और उमेश राठोड सहित अन्य ग्रामस्थों ने हस्ताक्षर किए हैं।
