शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी की अपील: “मुसलमानों और कश्मीरियों के पीछे न पड़ें, हमें चाहिए शांति और न्याय”

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी ने देशवासियों से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि वे अपने पति के लिए न्याय चाहती हैं, लेकिन साथ ही लोगों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की। हिमांशी ने साफ कहा, “हम नहीं चाहते कि लोग मुसलमानों और कश्मीरियों के पीछे पड़ें। हम सिर्फ शांति चाहते हैं।”
शादी के एक हफ्ते बाद ही आतंकी हमले में विनय नरवाल की जान चली गई। उनका जन्मदिन भी बस दस दिन दूर था। यह हमला देशभर को झकझोर गया, जिसमें कुल 26 लोग मारे गए थे।
करनाल में लगाया गया रक्तदान शिविर
विनय नरवाल की जयंती के अवसर पर हरियाणा के करनाल में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और शहीद को श्रद्धांजलि दी। उनकी बहन सृष्टि नरवाल ने सभी का आभार जताते हुए कहा, “लोगों की प्रतिक्रिया देखकर हम बहुत भावुक हैं। सरकार ने भी समर्थन दिखाया है।”
NIFAA का आयोजन, आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश
इस शिविर का आयोजन नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (NIFAA) ने किया था। संस्था के प्रमुख प्रितपाल सिंह पन्नू ने कहा, “एक जवान जो देश की रक्षा में कई साल समर्पित करता, उसे आतंकवाद ने छीन लिया। हम आज उनके सम्मान में रक्तदान कर रहे हैं, ताकि औरों की जान बच सके।”
रक्तदान शिविर में भाग लेने वालों ने विनय नरवाल के बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश उनका हमेशा ऋणी रहेगा। एक प्रतिभागी ने कहा, “हम उनका स्थान नहीं ले सकते, लेकिन उनका सम्मान बनाए रखने के लिए अपना खून जरूर दे सकते हैं।”
यह श्रद्धांजलि सिर्फ एक सैनिक के लिए नहीं, बल्कि उस भावना के लिए है जो देश को जोड़ती है—शांति, एकता और मानवता।
