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12वीं बोर्ड परीक्षा में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई, चार शिक्षकों के निलंबन के निर्देश

जालना/कादरी हुसैन

फरवरी–मार्च 2026 में आयोजित उच्च माध्यमिक प्रमाणपत्र (12वीं) बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आने पर शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), जिला परिषद जालना ने संबंधित शिक्षण संस्थाओं को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में दिनांक 10 फरवरी 2026 को दो अलग–अलग आदेश जारी किए गए हैं, जिनमें कुल चार शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई करने को कहा गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 10/02/2026 को अंग्रेजी विषय की परीक्षा के दौरान उपविभागीय अधिकारी, अंबड तथा तहसीलदार, अंबड के उड़न दस्तों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ विद्यार्थियों के पास नकल सामग्री (कॉपी) पाए जाने के कारण बोर्ड के नियमों के अनुसार संबंधित विद्यार्थियों को “रिस्ट्रिक्ट” किया गया।

पहले प्रकरण में छत्रपती संभाजी विद्यालय, वाकूळणी (ता. बदनापुर) तथा राजे शिवाजी विद्यालय, रोहिलागड (ता. अंबड) में परीक्षा ड्यूटी पर तैनात श्री राव बी. ई. (सहायक शिक्षक, छत्रपती संभाजी विद्यालय, वाकूळणी) और
श्री जाधव एस. आर. (सहायक शिक्षक, राजे शिवाजी विद्यालय, रोहिलागड)
पर परीक्षा कार्य में लापरवाही का आरोप सिद्ध होने के बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

दूसरे प्रकरण में प्रबोधनकार ठाकरे माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय, शहागड तथा सिद्धेश्वर कनिष्ठ महाविद्यालय, गांदी (ता. अंबड) में परीक्षा ड्यूटी के दौरान

श्रीमती सोलंके पी. ए. (सहायक शिक्षिका, सिद्धेश्वर कनिष्ठ महाविद्यालय, गांदी) और श्रीमती जायभाये एन. एम. (सहायक शिक्षिका, प्रबोधनकार ठाकरे माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय, शहागड)
द्वारा कर्तव्यों में लापरवाही बरते जाने का प्रथमदृष्टया निष्कर्ष निकाला गया है।

शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) कार्यालय के अनुसार, यह मामला महाराष्ट्र विश्वविद्यालय मंडल परीक्षा में गैरप्रकार अधिनियम 1982 तथा माध्यमिक शाला संहिता के नियम 3.2 का उल्लंघन है। साथ ही, संबंधित कर्मचारी निजी शिक्षण संस्थाओं के अंतर्गत आने के कारण महाराष्ट्र निजी शालाओं के कर्मचारी (सेवा शर्तें) नियमावली 1981 के नियम 33 से 36 के अनुसार संस्थाओं को निलंबन की कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है।
इसी आधार पर संबंधित संस्थाओं के अध्यक्ष, सचिव एवं मुख्याध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दोषी शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार निलंबन की कार्रवाई कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट तत्काल शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), जिला परिषद जालना को प्रस्तुत करें।

इस पूरे प्रकरण की प्रतिलिपि जिलाधिकारी जालना, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जालना, विभागीय सचिव एवं विभागीय उपसंचालक, विभागीय मंडल छत्रपति संभाजीनगर को जानकारी हेतु भेजी गई है। साथ ही गट शिक्षणाधिकारी, पंचायत समिति अंबड को नोटिस तामील कर रिपोर्ट सादर करने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों, इसके लिए सख्त निर्देश देने को कहा गया है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि बोर्ड परीक्षाओं की पवित्रता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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