मॉडल एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी, जालना की ओर से बेस्ट टीचर्स अवॉर्ड्स वितरण का भव्य समारोह

जालना/कादरी हुसैन
शिक्षा से ज्ञान की ज्योति प्रज्वलित होती है और उसी माध्यम से सफलता के मार्ग खुलते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय होती है। शिक्षक समाज और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान देते हैं। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए जिस समर्पण से कार्य करता है, उसकी तुलना 24 घंटे अपने पौधों की देखभाल करने वाले माली से की जा सकती है। शिक्षक ऐसा पेशा है जिसे हर धर्म, समाज और वर्ग में अत्यधिक सम्मान प्राप्त है। शिक्षक केवल राष्ट्रनिर्माता ही नहीं, बल्कि अपने विद्यार्थियों के लिए आदर्श (रोल मॉडल) भी होते हैं।

ये विचार शहर के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने उस समय व्यक्त किए, जब जालना की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाएं देने वाले शिक्षकों को ‘मिसाली (आदर्श) शिक्षक पुरस्कार’ प्रदान किए गए। गणमान्य व्यक्तियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी और कहा कि यह सम्मान पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
यह पुरस्कार समारोह परवा हुडा उर्दू हाई स्कूल में एक भव्य और रंगारंग कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक अर्जुनराव खोतकर के कर-कमलों से पुरस्कार प्रदान किए गए।
बेस्ट टीचर अवॉर्ड से सम्मानित शिक्षकों में शामिल हैं—
हाजी मखदूम उर्दू प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक मोहम्मद कासिम एजाज़ सिद्दीकी सर,
नेशनल उर्दू हाई स्कूल के मोहम्मद हनीफ सौदागर सर,
मदी़नतुल उलूम, चंदनझीरा के शेख इस्माइल सर,
सर सैयद अहमद खान उर्दू प्राथमिक विद्यालय, जालना के नसीर अहमद सर,
तथा हाजी मखदूम उर्दू प्राथमिक विद्यालय के गाज़ी तारिक अहमद नदवी सर।
इन सभी शिक्षकों के सम्मान पर शहर के शैक्षणिक क्षेत्र, शिक्षक समुदाय, अभिभावकों और बुद्धिजीवी वर्ग ने खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ये सभी शिक्षक न केवल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, बल्कि समाज के शैक्षणिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
इस कार्यक्रम में जालना के शैक्षणिक, सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्रों के अनेक गणमान्य व्यक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित थे। यह आयोजन सोसायटी के अध्यक्ष श्री शेख अब्दुल वहीद के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
