नाली का गंदा पानी सड़क पर; मामा चौक–पुराना मोंढा मार्ग बना ‘तालाब’! महानगरपालिका की लापरवाही उजागर

जालना/कादरी हुसैन
आज दिनांक 6, बुधवार, सुबह 11 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार
जालना शहर के मामा चौक से पुराना मोंढा तक के अत्यंत व्यस्त मुख्य मार्ग पर इन दिनों नागरिकों की परेशानी चरम पर है। एक पुरानी इमारत को तोड़कर चल रहे नए निर्माण कार्य के कारण नाली पूरी तरह जाम हो गई है, जिससे नाली का गंदा पानी सीधे सड़क पर बह रहा है। परिणामस्वरूप पूरी सड़क ‘तालाब’ जैसी हो गई है और दुर्गंध, कीचड़ व गंदगी के कारण इलाके में गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण कार्य से निकली ईंटें, मिट्टी और अन्य मलबा सीधे नाली में डाल दिया गया, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह रुक गया। अब जमा हुआ गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है। यह मार्ग हमेशा वाहनों से भरा रहता है, जिससे दोपहिया और चारपहिया चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जमा गंदे पानी के कारण वाहन फिसलने और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि गुजरते वाहनों से उछलता गंदा पानी सीधे राहगीरों पर गिर रहा है। स्कूल के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग विशेष रूप से इससे प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें रोजाना अपमानजनक हालात का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है, “सड़क पर चलना सजा भुगतने जैसा हो गया है।”
इस बीच, महानगरपालिका की सफाई व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। हर प्रभाग में सफाई निरीक्षक होने के बावजूद कई दिनों से सड़क पर बह रहा यह गंदा पानी अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रहा क्या? ऐसा सवाल नागरिक पूछ रहे हैं। “क्या महानगरपालिका के अधिकारी इस इलाके में आते ही नहीं?” ऐसी शंका भी जताई जा रही है।
“क्या कानून सिर्फ गरीबों के लिए?” – जनता में आक्रोश
इस पूरे मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और प्रशासन की दोहरी नीति पर सीधे आरोप लगाए जा रहे हैं। नागरिकों का कहना है, “महानगरपालिका गरीबों पर तुरंत कार्रवाई करती है, लेकिन बड़े बिल्डरों को पैसे लेकर छोड़ दिया जाता है क्या?” कानून का इस्तेमाल केवल आम लोगों पर ही होता है क्या, ऐसा गुस्सा भी सामने आ रहा है।
इधर, अवकाली बारिश के संकेत और आने वाले मानसून को देखते हुए स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि नाली की तुरंत सफाई नहीं की गई तो बारिश में पूरा इलाका जलमग्न हो सकता है और नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
नागरिकों ने महानगरपालिका से मांग की है कि तुरंत हस्तक्षेप कर नाली की सफाई कराई जाए, सड़क पर जमा गंदा पानी हटाया जाए और संबंधित बिल्डर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
शहर के बीचों-बीच ऐसी बदहाल स्थिति होने से स्वच्छता के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।
