जालना मनपा में भाजपा नगरसेवकों के बीच जमकर हंगामा; महावीर ढक्का सहित 11 से 12 लोगों पर कदीम पुलिस था ने में मामला दर्ज
प्रस्ताव मंजूरी को लेकर विवाद बढ़ा; स्थायी समिति सभापति अशोक पांगारकर गुट के साथ धक्कामुक्की और मारपीट का आरोप

जालना/कादरी हुसैन
आज दिनांक 11 सोमवार को दोपहर चार बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार, जालना महानगरपालिका में आज आयोजित नगरसेवकों की बैठक के दौरान भाजपा के दो गुटों के बीच हुए तीव्र विवाद से राजनीतिक माहौल गरमा गया। प्रस्ताव मंजूरी के मुद्दे पर शुरू हुआ विवाद आगे बढ़ते हुए धक्कामुक्की और मारपीट तक पहुंच गया, जिससे महानगरपालिका परिसर में भारी हंगामा मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा के स्थायी समिति सभापति अशोक पांगारकर और भाजपा नगरसेवक महावीर ढक्का के गुट के बीच बैठक के दौरान प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया को लेकर तीखी बहस हुई। शुरुआत में दोनों गुटों के बीच जमकर कहासुनी हुई, जिसके बाद विवाद बढ़ते-बढ़ते महापौर के कक्ष तक पहुंच गया।
इस दौरान महापौर कक्ष में दोनों गुटों के कार्यकर्ता और समर्थक जमा हो जाने से स्थिति तनावपूर्ण बन गई। आरोप है कि महावीर ढक्का गुट के कुछ लोगों ने स्थायी समिति सभापति अशोक पांगारकर के पुत्र प्रतीक पांगारकर के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। साथ ही प्रस्ताव मंजूरी के मुद्दे को लेकर अशोक पांगारकर को धमकी दिए जाने की शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
इस मामले में प्रतीक पांगारकर की शिकायत पर कदीम जालना पुलिस थाने में भाजपा नगरसेवक महावीर ढक्का सहित 11 से 12 लोगों के खिलाफ धारा 109(1), 351(2), 189, 190, 191(2), 4 और 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद कुछ समय तक महानगरपालिका परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
कदीम जालना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बैठक के सीसीटीवी फुटेज तथा उपस्थित लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, ऐसी जानकारी सूत्रों ने दी है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज
महानगरपालिका की सत्ताधारी भाजपा में खुलेआम हुए इस विवाद से शहर के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। एक प्रस्ताव के मुद्दे पर पार्टी के भीतर का विवाद इस हद तक पहुंचने से भाजपा की गुटबाजी एक बार फिर सामने आ गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थायी समिति सभापति अशोक पांगारकर कदीम जालना पुलिस थाने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ उनके पुत्र प्रतीक तथा भाजपा और शिवसेना के सभी नगरसेवक मौजूद थे। महावीर ढक्का के विरोध में सभी नगरसेवकों की एकजुटता देखने को मिली। भाजपा के नगरसेवक भी ढक्का के विरोध में एकत्र दिखाई दिए, जिसके चलते भाजपा और शिवसेना के नगरसेवकों ने महावीर ढक्का पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की मांग की है।
दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि, “मेरे पिता लक्ष्मीकांत पांगारकर को मारने का प्रयास किया जा रहा था। जब मैंने उन्हें बचाने की कोशिश की, तब रणवीर ढक्का मुझे जान से मारने की नीयत से खंजर लेकर मेरी ओर दौड़ा। उसने मुझ पर खंजर से हमला करने की कोशिश की, लेकिन मैं एक तरफ हट गया। इसी दौरान वह खंजर मेरे मित्र धरमसिंह रणजीतसिंह ठाकुर की आंख के पास भौंह पर लग गया, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद विक्रांत ढक्का, सागर ढक्का और अन्य लोगों ने मुझे नीचे गिराकर लात-घूंसों से मारपीट की। बाद में अन्य नगरसेवक और लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे, जिसके बाद महावीर ढक्का और उनके साथी वहां से फरार हो गए।”