मानसून ने महाराष्ट्र में पकड़ी रफ्तार, 2-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट; कई जिलों में येलो अलर्ट जारी

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
महाराष्ट्र में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पूर्वी तट पर करीब 18 दिनों तक धीमी गति से आगे बढ़ने के बाद अब मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार 2 और 3 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी से अत्यधिक बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में कोंकण-गोवा, विदर्भ और मराठवाड़ा के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
जालना जिले के मंठा क्षेत्र में बादल फटने जैसी स्थिति बनी, जबकि अंबड और आसपास के इलाकों में भी तेज बारिश हुई। ढोकसाळ तांडा में अचानक आई बाढ़ से कई घरों में पानी घुस गया और कुछ समय के लिए गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया। हालांकि इस बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई और बढ़वार के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने से किसानों में राहत का माहौल है।
मौसम विभाग ने बीड, औरंगाबाद, जळगांव और लातूर जिलों के लिए अगले चार दिनों का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं अकोला जिले में भी 2 जुलाई तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और बिजली गिरने के साथ बारिश का अनुमान है।
लातूर में लगातार रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने किसानों और नागरिकों से सतर्क रहने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। इस बीच लातूर शहर के नवीन रेणापुर नाका क्षेत्र में एक विशाल पेड़ गिरने से ड्यूटी पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी सहित तीन लोग घायल हो गए। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
जून महीने में सामान्य से कम बारिश होने के कारण खरीफ की बुवाई प्रभावित हुई थी, लेकिन अब मानसून के सक्रिय होने से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक साथ सक्रिय हुई कई मौसम प्रणालियों के कारण मानसून को नई गति मिली है।
देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान के शेष हिस्सों में भी मानसून पहुंच सकता है। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में अगले 24 घंटों के दौरान मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
दूसरी ओर, असम और अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 12 से अधिक जिले प्रभावित हुए हैं और करीब 22 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि चार लोगों की मौत हो चुकी है। राहत और बचाव कार्य के लिए भारतीय वायुसेना को लगाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से फोन पर बात कर स्थिति की समीक्षा की तथा केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
