स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिलों पर फूटा गुस्सा, जय भवानी नगर के नागरिकों ने महावितरण को दिया आंदोलन का अल्टीमेटम

जालना | कादरी हुसैन
जालना शहर के जय भवानी नगर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कथित रूप से बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। नागरिकों ने महावितरण प्रशासन पर मनमाने बिजली बिल भेजने का आरोप लगाते हुए उपअभियंता कार्यालय को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो उग्र जनआंदोलन किया जाएगा।
सोमवार, 13 जुलाई को दोपहर 4 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार, नागरिकों का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं का पहले लगभग ₹1,000 तक बिजली बिल आता था, उन्हें अब ₹5,000 या उससे अधिक के बिल भेजे जा रहे हैं। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई घरों के बिजली बिलों में अचानक और असामान्य वृद्धि हुई है, जिससे आम उपभोक्ता आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब उपभोक्ता बढ़े हुए बिलों की शिकायत लेकर महावितरण के अधिकारियों के पास पहुंचते हैं, तो उन्हें संतोषजनक जवाब देने के बजाय यह कहकर टाल दिया जाता है कि “बिल भरना ही पड़ेगा, हम कुछ नहीं कर सकते।” इस रवैये से नागरिकों में और अधिक नाराजगी फैल रही है।
नागरिकों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच कई परिवारों को अपने मासिक राशन से भी अधिक राशि बिजली बिल के रूप में चुकानी पड़ रही है। नियमित रूप से बिल जमा करने के बावजूद बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायत भी उन्होंने उठाई। उनका कहना है कि सीमित आय वाले परिवारों के लिए इतने अधिक बिजली बिल भरना संभव नहीं है।
ज्ञापन में नागरिकों ने सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति महीने में 10 से 12 हजार रुपये कमाता है, तो वह 10 से 20 हजार रुपये तक का बिजली बिल कैसे भरे और अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे करे?
जय भवानी नगर के नागरिकों ने महावितरण प्रशासन से बढ़े हुए बिजली बिलों की तत्काल जांच कर राहत देने की मांग की है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो महावितरण कार्यालय के समक्ष उग्र आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।
यह ज्ञापन पवन खांडेभराड, गजानन सोनवणे, करण जाधव, सिद्ध बंकट, जनार्दन अंभोरे, आकाश ठाटे, शुभम पप्पू सूर्यवंशी, समर्थ अंभोरे, ऋषिकेश दौड, राम आरसूल, शुभम चव्हाण, सिद्धांत बंकट सहित जय भवानी नगर के अनेक नागरिकों द्वारा महावितरण प्रशासन को सौंपा गया।